लखनऊ/ उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि दिनकर जी केवल एक महान कवि ही नहीं, बल्कि राष्ट्रचेतना के प्रखर स्वर और भारतीय संस्कृति के सशक्त प्रतिनिधि थे। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’ एवं ‘पद्म भूषण’ से सम्मानित दिनकर जी की ओजस्वी वाणी ने स्वतंत्रता संग्राम के दौर में देशवासियों के भीतर आत्मगौरव, साहस और देशभक्ति की अलख जगाई। उनकी कविताओं में वीर रस, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक चेतना का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है, जो आज भी युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने दिनकर जी की प्रसिद्ध पंक्तियों—
“जला अस्थियां बारी-बारी, चिटकाई जिनमें चिनगारी,
जो चढ़ गये पुण्य-वेदी पर, लिए बिना गर्दन का मोल,
कलम, आज उनकी जय बोल।”
का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कविता हमारे अमर शहीदों के त्याग और बलिदान का सजीव चित्रण करती है तथा प्रत्येक नागरिक के मन में राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को प्रबल करती है। श्री मौर्य ने कहा कि दिनकर जी के क्रांतिदर्शी विचार आज भी समाज को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। उनकी रचनाएं न केवल साहित्यिक धरोहर हैं, बल्कि वे राष्ट्र निर्माण के मार्ग में प्रेरणा का स्रोत भी हैं। उप मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे दिनकर जी के आदर्शों और विचारों को आत्मसात कर राष्ट्र की उन्नति और समाज के समग्र विकास में अपना सक्रिय योगदान दें।
