राउरकेला। सेल के चीफ विजिलेंस ऑफिसर (CVO) दिलीप कुमार ने राउरकेला स्टील प्लांट (आरएसपी) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ‘मंथन’ कॉन्फ्रेंस हॉल में बातचीत करते हुए कहा, “सिस्टम जितने ज़्यादा आसान और पारदर्शी होंगे, गलतियों या गलत इस्तेमाल की गुंजाइश उतनी ही कम होगी।” गौरतलब है कि मुख्य सतर्कता अधिकारी 8 से 10 जून 2026 तक राउरकेला इस्पात सयंत्र के दौरे पर थे। उनके साथ सेल के कार्यवाहक कार्यपालक निदेशक (सतर्कता), ज्ञानेश झा भी थे।
इस दौरे की एक खास बात सयंत्र के वरिष्ठ अधिकारियों – जिनमें कार्यपालक निदेशक, मुख्य महाप्रबंधक और विभागाध्यक्ष शामिल थे जिनके साथ बातचीत का कार्यक्रम था। इस मौके पर कार्यपालक निदेशक (वर्क्स), विश्व रंजन पलाई, कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन), अनिल कुमार, और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बातचीत के दौरान, मुख्य सतर्कता अधिकारी ने कहा कि सेल के किसी भी इस्पात सयंत्र का यह उनका पहला दौरा था और वे यह देखकर काफी प्रभावित और हैरान थे कि कैसे अयस्क (ore) को इस्पात जैसे मजबूत और टिकाऊ सामग्री में परिवर्तित किया जा रहा है। सभी विभागाध्यक्ष से सतर्कता अधिकारी के तौर पर काम करने का आग्रह करते हुए, दिलीप कुमार ने सभी को, खासकर युवा और अग्रिम पंक्ति के अधिकारी को नियमों और प्रक्रियाओं के बारे में जागरूक करने पर ज़ोर दिया। मुख्य सतर्कता अधिकारी ने मुख्य महाप्रबंधक द्वारा उठाए गए कई सवालों के जवाब भी दिए और मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
इससे पहले पलाई ने सयंत्र के कामकाज और सिस्टम को अच्छी तरह समझने में मुख्य सतर्कता अधिकारी की गहरी दिलचस्पी की तारीफ की। ज्ञानेश झा ने दौरे के मकसद के बारे में बताया।
अनिल कुमार ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया, जबकि आरएसपी के महाप्रबंधक (सतर्कता) और ACVO श्री रंजन भारती ने कार्यक्रम का संचालन किया। 10 तारीख की सुबह, कुमार ने पलाई के साथ राउरकेला हाउस में वृक्षारोपण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। बाद में, उन्होंने प्रशासनिक भवन में सतर्कता कार्यालय में सतर्कता अधिकारियों के साथ बातचीत की। सेल की विभिन्न यूनिट्स के सहायक मुख्य सतर्कता अधिकारी (ACVO) भी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए, जिससे सतर्कता से जुड़े मुद्दों पर व्यापक भागीदारी और विचारों का आदान-प्रदान हो सका। मुख्य सतर्कता अधिकारी दोपहर में राउरकेला से रवाना हो गए। राउरकेला हाउस में उन्हें गर्मजोशी से विदाई दी गई। रंजन भारती और सतर्कता विभाग ने इस दौरे का समन्वय किया।
