अब जुगैल क्षेत्र की बदलेगी तस्वीर, लगेंगे तीन मोबाइल टॉवर

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 आपातकालीन सेवाओं और सरकारी योजनाओं तक आमजन की पहुंच होगी आसान , पिपरा, गरदा व जोरावा में बीएसएनएल स्थापित करेगा 4-जी टॉवर

सोनभद्र। जनपद के दूरस्थ और लंबे समय से मोबाइल नेटवर्क की समस्या से जूझ रहे जुगैल क्षेत्र के लोगों को जल्द बड़ी राहत मिलने वाली है। केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की योगी सरकार की पहल, जनप्रतिनिधियों के प्रयास तथा जिला प्रशासन की सक्रियता से जुगैल क्षेत्र के पिपरा, गरदा व जोरावा में जल्द ही बीएसएनएल के 4-जी मोबाइल टॉवर स्थापित किए जाएंगे। जिलाधिकारी के निर्देश पर टॉवर स्थापना की प्रक्रिया तेज कर दी गई है जल्द ही स्थापना का कार्य शुरू हो जाएगा।

जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि क्षेत्रफल के हिसाब से जनपद की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत जुगैल में भगौलिक परिस्थितियों के कारण मोबाइल नेटवर्क तक आम जन की आसान पहुंच बड़ी समस्या थी। कई वर्षों से यहां के निवासी इस समस्या को लेकर परेशान थे। लेकिन अब जल्द ही उनकी यह समस्या दूर हो जाएगी। बताया कि बीएसएनएल पिपरा, गरदा व जोरावा में 4-जी टॉवर स्थापित करेगा। बताया कि एक ग्राम पंचायत में अधिकतम दो टॉवर लगाने का प्रावधान है, लेकिन नेटवर्क की समस्या को दूर करने के लिए उन्होंने बीएसएनएल के डीजी से समन्वय स्थापित कर परिस्थितियों से अवगत कराया गया, जिसके बाद तीन और टॉवरों की स्थापना की स्वीकृति प्रदान की गई। जुगैल ग्राम पंचायत में निर्बाध मोबाइल नेटवर्क की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कुल पांच टॉवर लगेंगे। नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में संचार सुविधाओं के विस्तार पर प्रकाश डालते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि पूर्व में 25 मोबाइल टॉवर स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 21 टावरों की स्थापना का कार्य भी शुरू हो चुका है। शेष तीन टॉवर वन विभाग से संबंधित औपचारिकताओं के कारण लंबित हैं, जिन पर भी जल्द काम शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि 3 नए टॉवरों को स्वीकृति मिलने के साथ ही जनपद के नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में स्थापित होने वाले नए मोबाइल टॉवर की कुल संख्या 28 हो गई है। मोबाइल टॉवरों की स्थापना से आमजन की इंटरनेट तक आसान पहुंच उन्हें विकास मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य करेगी।

*अब देश-दुनिया के साथ कदमताल कर सकेंगे जुगैलवासी*

जुगैल क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क की कमी के कारण ग्रामीणों को वर्षों से अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। किसी आपात स्थिति में फोन से संपर्क करना मुश्किल होता था, विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में परेशानी आती थी, जबकि किसानों और युवाओं को भी डिजिटल सेवाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पाता था। कई बार लोगों को केवल मोबाइल सिग्नल पाने के लिए गांव से दूर ऊंचे स्थानों तक जाना पड़ता था। अब टॉवर स्थापित होने के बाद ग्रामीणों को इन समस्याओं से काफी हद तक राहत मिलेगी। बेहतर मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध होने से शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन आवेदन, ई-गवर्नेंस सेवाओं और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक आसानी से पहुंच सकेगी। आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस, एंबुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाओं से तत्काल संपर्क स्थापित करना भी संभव होगा। स्थानीय व्यापारियों, किसानों और युवाओं को भी इंटरनेट आधारित सेवाओं का लाभ मिलेगा, जिससे रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर विकसित होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि मोबाइल टॉवर की स्थापना उनकी वर्षों पुरानी मांग थी, जो अब पूरी होने जा रही है। उनका मानना है कि बेहतर संचार व्यवस्था से जुगैल क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से और अधिक मजबूती के साथ जुड़ सकेगा तथा डिजिटल भारत के लक्ष्य को भी नई गति मिलेगी।

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