लिसा कीथली की जगह ऑस्ट्रेलियाई कोच संभालेंगे जिम्मेदारी, हरमनप्रीत की कप्तानी में खिताबी अभियान को मिलेगी नई दिशा
मुंबई, । विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) में दो बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस ने 2027 सत्र से पहले अपनी कोचिंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। टीम ने लिसा कीथली के स्थान पर ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी कोच ल्यूक विलियम्स को नया हेड कोच नियुक्त किया है। विलियम्स 2027 WPL सत्र में हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली मुंबई इंडियंस की कमान संभालेंगे। लिसा कीथली ने मुंबई इंडियंस के हेड कोच पद से हटने का फैसला किया है। फ्रेंचाइजी ने उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त करते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। वहीं, विलियम्स की नियुक्ति को टीम के अगले चरण की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।

ल्यूक विलियम्स महिला क्रिकेट में लंबे समय से सक्रिय हैं और ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड तथा भारत में कोचिंग का अनुभव रखते हैं। उनके करियर की खास बात यह है कि वे तीन प्रमुख महिला टी20 प्रतियोगिताओं में खिताब जीतने वाली टीमों के कोचिंग सेटअप का हिस्सा रह चुके हैं।
विलियम्स ने ऑस्ट्रेलिया की विमेंस बिग बैश लीग (WBBL) में 2022 और 2023 में खिताब जीतने वाली टीमों के साथ काम किया। 2023 में इंग्लैंड की द हंड्रेड विजेता टीम के साथ उन्होंने असिस्टेंट कोच की भूमिका निभाई। भारत में 2024 में WPL खिताब जीतने वाली टीम के कोचिंग स्टाफ का भी वे हिस्सा रहे हैं। वर्ष 2025 से वे इंग्लैंड की महिला टीम के साथ असिस्टेंट कोच के रूप में जुड़े हुए हैं। ग्रेड क्रिकेट में विलियम्स ने तीन बार ब्रैडमैन मेडल जीता। उन्हें यह सम्मान 2005/06, 2007/08 और 2009/10 सीजन में मिला। नई जिम्मेदारी मिलने पर विलियम्स ने कहा कि मुंबई इंडियंस जैसे प्रतिष्ठित और सफल संगठन का हिस्सा बनना उनके लिए बेहद उत्साहजनक है। उन्होंने टीम के खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के साथ मिलकर रोमांचक क्रिकेट खेलने और सफलता के लिए चुनौती पेश करने की इच्छा जताई।
मुंबई इंडियंस की मालकिन नीता एम. अंबानी ने विलियम्स का स्वागत करते हुए उनके अनुभव और महिला क्रिकेट की समझ पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि हरमनप्रीत कौर की कप्तानी और विलियम्स के मार्गदर्शन में टीम अपनी विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगी।मुंबई इंडियंस ने अब तक खेले गए चार WPL सत्रों में से 2023 और 2025 में खिताब जीता है। ऐसे में 2027 सत्र से पहले कोचिंग में बदलाव के साथ टीम के सामने अपनी खिताबी परंपरा को आगे बढ़ाने की नई चुनौती होगी।
