लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर होगी सख्त कार्रवाई – सांसद
चन्दौली। कलेक्ट्रेट सभागार में सांसद वीरेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में ‘जिला विद्युत समिति’ की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिले की बेढंग विद्युत आपूर्ति और आम जनता को हो रही परेशानियों को लेकर माननीय सांसद ने जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग, मुख्य अभियंता और अधिशासी अभियंता के साथ बिंदुवार विस्तृत समीक्षा की। बैठक में सांसद वीरेन्द्र सिंह ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में हो रही लगातार अघोषित बिजली कटौती पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में जनता त्रस्त है और अधिकारी मनमाने ढंग से कटौती कर रहे हैं, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने जिले में जर्जर तारों, लो-वोल्टेज और हफ्तों तक खराब पड़े रहने वाले ट्रांसफार्मरों जैसी गंभीर समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा।
सांसद ने बैठक में मौजूद बिजली विभाग के आला अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लटक रहे और जर्जर हो चुके तारों को तत्काल बदला जाए। ढीले पड़े तारों को कसने का काम युद्धस्तर पर किया जाए ताकि हादसे न हों।खराब या जले हुए ट्रांसफार्मरों को निर्धारित समय सीमा के भीतर तुरंत बदला या ठीक किया जाए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी और सांसद ने संयुक्त रूप से कड़े लहजे में बिजली विभाग के अधिकारियों को चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन की मंशानुरूप हर घर तक निर्बाध विद्युत आपूर्ति पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। विद्युत सम्बन्धित समस्याओं से सम्बन्धित आम जनता की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित समाधान होना चाहिए। यदि किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और अवर अभियंता के खिलाफ सीधे दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश देते हुए सांसद छोटेलाल खरवार ने कहा कि नौगढ़ सहित अन्य सुदूर गांवों में आजादी के इतने वर्षों बाद भी बिजली के तार और परमानेंट सप्लाई नहीं पहुँची है, वहाँ युद्ध स्तर पर काम शुरू कर बिजली पहुँचाई जाए।
इसके साथ ही, सांसद ने उन इलाकों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जहाँ ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर बांस और बल्लियों के सहारे काफी दूर से बिजली खींचकर ला रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा बांस-बल्ली के सहारे बिजली की सप्लाई न सिर्फ तकनीकी रूप से गलत है, बल्कि यह ग्रामीणों की जान के साथ खिलवाड़ है। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए इन सभी अस्थाई और जर्जर तारों को हटाकर तत्काल पक्के बिजली के खंभे (पोल) लगाए जाएं और सुरक्षित सप्लाई सुनिश्चित की जाए। सांसद वीरेन्द्र सिंह ने विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता और संबंधित अधिकारियों को एक निश्चित समय-सीमा (डेडलाइन) के भीतर इस समस्या का समाधान करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध और सुरक्षित बिजली पहुँचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। यदि तय समय के भीतर कार्य पूरा नहीं हुआ या किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए मंत्रालय को लिखा जाएगा। बैठक में सांसद छोटेलाल खरवार, विधायक सकलडीहा प्रभु नारायण यादव, मुख्य विकास अधिकारी आर जगत साई और विद्युत विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
