जल संरक्षण और कृषि विकास के लिए कलेक्ट्रेट में हुई अहम बैठक, लक्ष्यों को मिली मंजूरी*
पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ योजना के तहत 13 खेत तालाबों के निर्माण का लक्ष्य
तालाब निर्माण पर मिलेगी ₹52,500 की सब्सिडी, सीधे DBT से होगा भुगतान
पंपसेट पर भी मिलेगा अधिकतम ₹15,000 का अनुदान
चंदौली। कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में जिला भूमि एवं जल संरक्षण समिति तथा जिला मिशन समिति की बैठक संपन्न हुई।
बैठक के दौरान जिला भूमि संरक्षण अधिकारी द्वारा पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में कराए गए कार्यों की प्रगति रिपोर्ट पेश की गई। इसके साथ ही, वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के घटक ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ (अदर इन्टरवेन्शन) के अंतर्गत वर्षा जल संचयन हेतु 13 खेत तालाबों के लक्ष्य को समिति के समक्ष रखा गया। इसके अलावा पं० दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना के तहत 350 हेक्टेयर और वर्षा सिंचित क्षेत्र विकास योजना के तहत 30.50 हेक्टेयर भूमि के लिए 72 लाभार्थियों के निर्धारित लक्ष्यों को भी मंजूरी दी गई। भूमि संरक्षण अधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जनपद को कुल 13 लघु तालाबों (22x20x3 मीटर) का लक्ष्य मिला है। इनमें से सामान्य श्रेणी के 11 और अनुसूचित जाति के 2 लक्ष्य निर्धारित हैं। सामान्य श्रेणी के 11 लाभार्थियों का चयन पूरा कर लिया गया है, जबकि अनुसूचित जाति के 2 लक्ष्य अभी शेष हैं। इन खेत तालाबों पर किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान के रूप में ₹52,500 की धनराशि दो किश्तों में सीधे उनके बैंक खाते में डी०बी०टी० (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी।
*पात्रता के नियम और शर्तें*
वही किसान पात्र होंगे जिन्होंने पिछले 7 वर्षों में अपने खेत पर सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली स्थापित की हो और वह चालू स्थिति में हो। यदि किसी किसान ने पहले यह प्रणाली स्थापित नहीं की है, लेकिन अब तालाब के साथ इसे लगाना चाहता है, तो उसे सत्यापन के समय उद्यान विभाग का त्रिपक्षीय अनुबंध दिखाना होगा। पंपसेट पर 50 प्रतिशत (अधिकतम ₹15,000) का अनुदान केवल उन्हीं लाभार्थियों को मिलेगा, जो पंजीकरण तिथि तक सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली स्थापित कर चुके होंगे और खेत तालाब का निर्माण कार्य पूरा कर लेंगे।
योजना का लाभ उठाने के इच्छुक किसान कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल agriculture.up.gov.in पर जाकर ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आर जगत साई, उप कृषि निदेशक भीमसेन , मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला भूमि संरक्षण अधिकारी और जिला कृषि अधिकारी सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
