सोनभद्र, सिंगरौली। क्षेत्रीय ज्ञानार्जन संस्थान, विंध्याचल द्वारा 27 से 29 अप्रैल तक आयोजित तीन दिवसीय “जनरेटिव एआई एवं प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग” प्रमाणन कार्यक्रम का सफल समापन हुआ। इस कार्यक्रम में विंध्याचल, सिंगरौली और टांडा सहित विभिन्न एनटीपीसी स्टेशनों के कर्मचारियों ने भाग लेकर एआई टूल्स के उपयोग से उत्पादकता, दक्षता और डेटा-आधारित निर्णय लेने के व्यावहारिक पहलुओं को सीखा। कार्यक्रम का उद्घाटन ए.जे. राजकुमार, महाप्रबंधक(प्रचालन एवं अनुरक्षण) ने किया, जिन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए इसके महत्व को रेखांकित किया।
स्वागत भाषण में डॉ. देबास्मिता त्रिपाठी, अपर महाप्रबंधक (आर एल आई) ने डिजिटल युग में अनुकूलन क्षमता की आवश्यकता पर जोर देते हुए एआई साक्षरता को बढ़ावा देने की बात कही। विशेषज्ञ प्रशिक्षक किरण बाबू वेल्नाटी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे यह एक प्रभावी और ज्ञानवर्धक अनुभव बना। यह पहल आरएलआई विंध्याचल की ओर से डिजिटल परिवर्तन को बढ़ावा देने और कर्मचारियों को भविष्य की कार्यशैली के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
आरएलआई विंध्याचल में ‘जनरेटिव एआई एवं प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग’ प्रमाणन कार्यक्रम संपन्न
