सोनभद्र। आरईसी सोनभद्र के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा 26 से 30 अक्टूबर 2026 तक ‘स्मार्ट नवीकरणीय ऊर्जा प्रबंधन में एआई के अनुप्रयोग (AAI-SREM 2026)’ विषय पर पांच दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के दूसरे दिन, पहले सत्र में इंग्लैंड (यूके) की एक्सपलियो (Expleo) कंपनी के प्रिंसिपल्स एम्बेडेड सिस्टम्स इंजीनियर, ई. राघवेंद्र त्रिपाठी ने ‘सुरक्षित और जिम्मेदार एआई’ की अवधारणा को समझाया। अपने व्याख्यान में, उन्होंने इंजीनियरिंग अनुप्रयोगों में एआई का उपयोग करने से जुड़ी चुनौतियों, जोखिमों और सर्वोत्तम प्रथाओं पर चर्चा की।
अगले तकनीकी सत्र में, श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय, कटरा (जम्मू एवं कश्मीर) के विद्युत अभियांत्रिकी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर, डॉ. टी. चिरंजीवी ने सोलर फोटोवोल्टिक प्रणालियों के सटीक पैरामीटर अनुमान और कुशल मॉडलिंग के लिए उन्नत कम्प्यूटेशनल इंटेलिजेंस तकनीकों पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने पीवी सिस्टम के प्रदर्शन को बढ़ाने, ऊर्जा रूपांतरण दक्षता में सुधार करने और सौर ऊर्जा के विश्वसनीय ग्रिड एकीकरण को सुनिश्चित करने में बुद्धिमान अनुकूलन विधियों की भूमिका पर भी जोर दिया।
अंतिम व्याख्यान में, एमएनएनआईटी इलाहाबाद के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नवनीत कुमार सिंह ने पावर सिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका और विद्युत पूर्वानुमान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने चर्चा की कि कैसे एआई ग्रिड की मूल चुनौतियों का समाधान कर सकता है और पावर इंजीनियरिंग व लोड फोरकास्टिंग में किन एआई तकनीकों का उपयोग किया जाता है। कार्यक्रम के दूसरे दिन का समापन कार्यक्रम के संयोजक एवं विद्युत अभियांत्रिकी विभाग के अध्यक्ष राम ईश्वर वैस तथा कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. अनुराग सेवक द्वारा वक्ताओं को स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया। तकनीकी सत्रों के दौरान डॉ. पी.के. वर्मा, डॉ. आशीष रंजन मिश्रा, सिकंदर, डॉ. राखी यादव, सुश्री खुशबू सिंह, रवि प्रताप सिंह, पद्माकर त्रिपाठी और सोनू सिंह उपस्थित रहे।
