सोनभद्र। कलेक्ट्रेट परिसर में मंगलवार को उत्तर प्रदेश आशा वर्कर यूनियन ने अपनी पांच सूत्री मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री नामित ज्ञापन जिलाधिकारी प्रतिनिधि को सौंपा। प्रदेश की विधानसभा के जारी सत्र में 2025 का बजट प्रस्तुत किया गया। पूरे बजट में प्रदेश भर में स्वास्थ्य अभियानों में अगुआ की भूमिका निभा रही आशा कर्मियों की बेहतरी, उनके जीवन जीने लायक मानदेय, सामाजिक सुरक्षा और उनकी सेवाओं की निरंतरता के सम्बन्ध में कोई चिंता नहीं की गई। 45 व 46 वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिशों के अनुरूप कर्मचारी के रूप में मान्यता देने, न्यूनतम ईएसआई, ईपीएफ, देने की दशक भर से उठ रही मांगों को अनसुना कर दिया गया। इस मौके पर जानकी देवी सोनू सिंह सुमित्रा पार्वती विमल गीता सुमन नीलम उषा संगीता आदि मौजूद रहे।
आशा कार्यकत्रियों ने किया विरोध प्रदर्शन
