कोयला एवं खान राज्य मंत्री  सतीश चन्द्र दुबे का धनबाद आगमन

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बेलगढ़िया टाउनशिप में पुनर्वास एवं विकास कार्यों का निरीक्षण 

धनबाद ।कोयला एवं खान राज्य मंत्री  सतीश चन्द्र दुबे अपने तीन-दिवसीय झारखंड दौरे के तहत आज धनबाद पहुंचे। कोयलांचल आगमन पर उन्होंने अपने दौरे की शुरुआत बेलगढ़िया टाउनशिप के निरीक्षण से की, जिसके पश्चात उन्होंने कोयला भवन मुख्यालय में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।

 राज्य मंत्री ने सर्वप्रथम बेलगढ़िया टाउनशिप का दौरा कर वहां संचालित पुनर्वास एवं विकास कार्यों का निरीक्षण किया। अवसर पर  झरिया विधायक, रागिनी सिंह, उपायुक्त, आदित्य रंजन, सीएमडी बीसीसीएल  मनोज कुमार अग्रवाल, बीसीसीएल निदेशकगण, कोयला मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी सहित बीसीसीएल और जिला प्रशासन के अन्य वरीय अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

उन्होंने झरिया मास्टर प्लान के अंतर्गत विस्थापित परिवारों के पुनर्वास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की तथा  अधिकारियों से पुनर्वासित परिवारों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, चुनौतियों तथा उपायों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। माननीय मंत्री ने टाउनशिप के फेज-5 में स्थित प्रशासनिक भवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि सरकार द्वारा अग्नि प्रभावित झरिया क्षेत्र के विस्थापितों को बेलगढ़िया टाउनशिप में पुनर्वासित करने का प्रयास केवल स्थानांतरण की प्रक्रिया नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों के जीवन स्तर में समग्र सुधार की सार्थक पहल है। उन्होंने सभी प्रभावित परिवारों से आग्रह किया कि वे पुनर्वास की प्रक्रिया में सहयोग प्रदान करें और बेहतर जीवन स्तर के लिए बेलगढ़िया टाउनशिप में पुनर्वासित हो। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देशित किया कि किसी भी पात्र परिवार को पुनर्वास से वंचित न रखा जाए तथा सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं।

इस अवसर पर उन्होंने बीसीसीएल द्वारा संचालित आजीविका एवं रोजगार सृजन परियोजना का शिलान्यास किया तथा बीसीसीएल सीएसआर परियोजना के तहत संचालित ई-रिक्शा योजना के पांच लाभार्थियों को ई-रिक्शा की चाभी सौंपी। उन्होंने बीसीसीएल सीएसआर परियोजना की सहायता से संचालित विभिन्न योजनाओं से सम्बद्ध  महिला उद्यमियों द्वारा प्रदर्शित स्टाल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने इस पहल को स्थानीय समुदाय के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और इसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि कौशल विकास, स्वरोजगार और आजीविका के अवसरों का विस्तार क्षेत्र के सतत विकास के लिए आवश्यक है और इस हेतु किये गए सभी प्रयास सराहनीय है।

बेलगढ़िया टाउनशिप के निरीक्षण के उपरांत माननीय राज्य मंत्री ने कोयला भवन मुख्यालय में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में सीएमडी बीसीसीएल,मनोज कुमार अग्रवाल,उपायुक्त धनबाद आदित्य रंजन, कोयला मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, बीसीसीएल निदेशकगण,एसएसपी प्रभात कुमार,कोयला भवन मुख्यालय के सभी महाप्रबंधकगण, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, सीआईएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी, जेएमपी-जेआरडीए के पदाधिकारी तथा बीसीसीएल एवं जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान  मंत्री ने झरिया मास्टर प्लान के अंतर्गत बीसीसीएल एवं जेआरडीए द्वारा संचालित प्रमुख परियोजनाओं एवं विकासात्मक गतिविधियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने बीसीसीएल की परिचालन उपलब्धियों, कोयले की गुणवत्ता सुधार पहलों, पुनर्वास कार्यों की प्रगति तथा विभिन्न सुरक्षा उपायों पर विस्तृत चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।

निदेशक (तकनीकी-संचालन)संजय कुमार सिंह ने पॉवरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से जेएमपी के तहत बीसीसीएल द्वारा किए किए कार्यों, कौशल विकास गतिविधियों तथा सामाजिक सशक्तिकरण से जुड़ें विभिन्न पहलों की जानकारी दी। उन्होंने बीसीसीएल की परिचालन उपलब्धियों, उत्पादन लक्ष्य, पर्यावरणीय पहलों, सामाजिक उत्तरदायित्व गतिविधियों तथा विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति तथा वर्तमान स्थिति का ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि बीसीसीएल अल्पकालिक, मध्यमकालिक एवं दीर्घकालिक रणनीतियों के माध्यम से उत्पादन वृद्धि के साथ-साथ सामाजिक एवं पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उपायुक्त धनबाद आदित्य रंजन ने जेआरडीए की ओर से बेलगढ़िया टाउनशिप में चल रहे पुनर्वास एवं विकास कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया और शिक्षा, स्वास्थ्य, जलापूर्ति, सड़क, विद्युत, स्व-रोजगार एवं कौशल विकास से संबंधित पहलों की जानकारी दी।

अपने संबोधन में  दुबे ने कहा कि कोयला क्षेत्र देश की ऊर्जा सुरक्षा का आधार है और इसके विकास में उत्पादन के साथ मानवीय पहलुओं पर समान ध्यान आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल उत्पादन वृद्धि नहीं, बल्कि पुनर्वास, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व और श्रमिक कल्याण को भी प्राथमिकता देना है। झरिया पुनर्वास योजना को एक मानवीय पहल बताते हुए उन्होंने कहा कि इसका लक्ष्य प्रभावित परिवारों को सुरक्षित, सम्मानजनक और स्थायी जीवन देना है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को योजनाओं को पारदर्शी, समन्वित और समयबद्ध ढंग से लागू करने के निर्देश दिए और बीसीसीएल और जेआरडीए के बीच बेहतर समन्वय को इस दिशा में महत्वपूर्ण बताते हुए संयुक्त प्रयासों पर बल दिया।

परिचालन के क्षेत्र में उन्होंने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी प्रमुख सूचकांकों पर निरंतर प्रगति  सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और कहा कि कोकिंग कोल की प्रमुख उत्पादक कंपनी के रूप में बीसीसीएल पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं, जिन्हें सभी हितधारकों के समन्वित प्रयासों से प्रभावी ढंग से निभाया जाना चाहिए। टांडाबाड़ी, केंदुआडीह और अन्य अग्नि प्रभावित क्षेत्रों में भू-धंसान और गैस उत्सर्जन की स्थिति पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में सुरक्षा के सभी कदम उठाए जा रहे हैं। तकनीकी संस्थानों एवं विशेषज्ञों द्वारा अपने अध्ययन रिपोर्ट में प्रभावित क्षेत्र को अत्यंत संवेदनशील और खतरनाक घोषित किया गया है। क्षेत्र में व्याप्त जटिल भू-गर्भीय परिस्थितियों में पुनर्वास ही एकमात्र स्थायी और सुरक्षित समाधान है। बीसीसीएल और जिला प्रशासन नागरिकों के सुरक्षित पुनर्वास हेतु सतत प्रयासरत है। सभी प्रभावित परिवारों को इसके लिए आगे आना चाहिए। अवैध खनन और खदानों की सुरक्षा पर माननीय मंत्री ने बीसीसीएल प्रबंधन को और अधिक सतर्कता बरतने तथा रोकथाम हेतु आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया।      

कार्यक्रम की शुरुआत  मंत्री के स्वागत एवं अभिनंदन से हुई। सीएमडी बीसीसीएल,  मनोज कुमार अग्रवाल ने शॉल, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर उनका स्वागत किया। अपने स्वागत संबोधन में सीएमडी श्री अग्रवाल ने बीसीसीएल की हालिया उपलब्धियों, नवाचारों एवं भावी योजनाओं पर संक्षिप्त रूप से प्रकाश डालते हुए कहा कि कंपनी सुरक्षा, उत्पादन और पुनर्वास के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रही है और देश की ऊर्जा सुरक्षा में अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा और दक्षता के साथ निभाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

इससे पूर्व  मंत्री दुर्गापुर से सड़क मार्ग द्वारा धनबाद पहुंचे, जहां दुर्गापुर हवाई अड्डे पर सीएमडी  अग्रवाल ने उनका आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर बीसीसीएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। यह दौरा झरिया क्षेत्र में पुनर्वास, विकास और सुरक्षित खनन गतिविधियों को और अधिक गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।

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