*चिकित्सालय में गंदगी और सीढ़ियों पर चिकित्सकीय उपकरणों को बेतरतीब ढंग से रखे जाने पर डीएम ने लगाई कड़ी फटकार,साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के दिए निर्देश*
भदोही/ जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भदोही का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, स्वच्छता व्यवस्था तथा चिकित्सकीय उपकरणों की स्थिति का गहन जायजा लिया साथ ही सीएचसी परिसर में नवनिर्मित 50 सैया फील्ड हॉस्पिटल का भ्रमण कर उसका निरीक्षण किया एवं इसे शीघ्रातिशीघ्र संचालित करने के निर्देश दिए।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. समीर उपाध्याय के साथ जिलाधिकारी ने पुरुष वार्ड, महिला वार्ड, लेबर रूम, ऑपरेशन थियेटर (ओटी), एमएनसीयू, लैब, ओपीडी, बाल रोग कक्ष, एमसीडी सेल (नॉन कम्युनिकेबल डिजीज ), टीकाकरण कक्ष, एसएनसीयू सहित प्रथम और द्वितीय तल पर स्थित विभिन्न चिकित्सा कक्षों और केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित चिकित्सा कर्मियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए और व्यवस्थाओं में और सुधार लाने की बात कही।
जिलाधिकारी ने सीएचसी में भर्ती मरीजों एवं उनके तीमारदारों से संवाद कर उन्हें मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मरीजों से दवाओं की उपलब्धता, इलाज की प्रक्रिया तथा स्टाफ की व्यवहारिकता के बारे में फीडबैक लिया। निरीक्षण के दौरान जब जिलाधिकारी ने चिकित्सालय परिसर में गंदगी पाई और सीढ़ियों पर चिकित्सकीय उपकरणों को बेतरतीब ढंग से रखा देखा, तो उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। इस पर उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल प्रभाव से साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि अस्पतालों में स्वच्छता और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए, ताकि मरीजों को गुणवत्तापरक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने यह भी कहा कि जिला प्रशासन स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगा। निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने सीएचसी परिसर में नवनिर्मित 50 सैया फील्ड हॉस्पिटल का भ्रमण कर उसका निरीक्षण किया एवं इसे शीघ्रातिशीघ्र संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए इस अस्पताल का क्रियाशील होना अत्यंत आवश्यक है। जिलाधिकारी ने समस्त चिकित्सा स्टाफ से आग्रह किया कि वे पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करें।
