भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता और नैतिक कार्यसंस्कृति अपनाने का आह्वान;
पटना। सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 के तहत एनटीपीसी पूर्वी क्षेत्र-1 मुख्यालय, पटना में 30 अक्टूबर को ‘निवारक सतर्कता’ विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। दो पालियों में आयोजित इस कार्यशाला में मुख्यालय के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।कार्यशाला में एनटीपीसी के सेवानिवृत्त महाप्रबंधक (सतर्कता) सुप्रिया बोस ने संकाय के रूप में निवारक सतर्कता के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने एनटीपीसी के सतर्कता विभाग की कार्यप्रणाली, सत्यनिष्ठा, नैतिकता, पारदर्शिता, केंद्रीय सतर्कता आयोग के साथ समन्वय, सतर्कता अनापत्ति तथा सीडीए नियमों पर प्रकाश डाला। विभिन्न केस स्टडी के माध्यम से उन्होंने सतर्कता संबंधी प्रावधानों और उनके व्यावहारिक पहलुओं को भी समझाया।

इस अवसर पर विल्सन अब्राहम, महाप्रबंधक (मानव संसाधन) ने कहा कि किसी भी संगठन की सफलता के लिए ईमानदारी, नैतिकता और पारदर्शिता पर आधारित कार्यसंस्कृति बेहद जरूरी है। प्रत्येक कर्मचारी को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं जवाबदेही के साथ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सतर्कता केवल नियमों के अनुपालन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कार्यशैली और व्यवहार का अभिन्न हिस्सा होनी चाहिए। वहीं, श्री श्रीकांत केरहालकर,महाप्रबंधक (प्रचालन सेवाएं) ने कहा कि कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना निवारक सतर्कता का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपने दैनिक कार्यों में सतर्कता संबंधी प्रावधानों का पालन करने तथा भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाने का आह्वान किया। कार्यशाला का उद्देश्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों में सतर्कता संबंधी जागरूकता बढ़ाने के साथ संगठन में सत्यनिष्ठा, नैतिकता और सुशासन के मूल्यों को मजबूत करना था।
