रेल परिचालन को व्यक्तिगत जिम्मेदारी एवं स्वामित्व भाव से संचालित करें अधिकारी – महाप्रबंधक

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महाप्रबंधक ने प्रयागराज मंडल में चल रहे कार्यों की समीक्षा कर संरक्षा, गतिशीलता एवं यात्री सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के दिए निर्देश

  प्रयागराज । महाप्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे  नरेश पाल सिंह द्वारा प्रयागराज मंडल में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों, रेल परिचालन, संरक्षा एवं यात्री सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक प्रयागराज मंडल रजनीश अग्रवाल, अपर मंडल रेल प्रबंधक/सामान्य दीपक कुमार, अपर मंडल रेल प्रबंधक/परिचालन एम.एम. वारिस, अपर मंडल रेल प्रबंधक/इंफ्रा धनंजय कुमार सिंह, सचिव महाप्रबंधक अखिल शुक्ला सहित मंडल के अन्य शाखाधिकारी उपस्थित रहे।

समीक्षा बैठक के दौरान महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने अधिकारियों को रेल परिचालन एवं कार्यों के प्रति पूर्ण जिम्मेदारी और स्वामित्व भाव के साथ कार्य करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि रेलवे को इस प्रकार संचालित किया जाना चाहिए, जैसे प्रत्येक अधिकारी का अपना प्रतिष्ठान हो। उन्होंने संरक्षा, गतिशीलता, परिचालन दक्षता एवं यात्री सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर विशेष बल दिया।

महाप्रबंधक ने मंडल को दुर्घटनामुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए संरक्षा संबंधी सभी पहलुओं पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोको पायलटों की ड्यूटी पर जाने से पूर्व संरक्षा संबंधी प्रश्नोत्तरी आयोजित कराई जाए तथा इसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाए। ब्लॉक लेने के समय ही संबंधित लोको की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा ब्लॉक की अवधि के अनुरूप कार्य शिफ्ट निर्धारित की जाए। उन्होंने ट्रैक पेट्रोलिंग के दौरान पूर्ण संरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने, OHE फेलियर की घटनाओं को शून्य तक लाने तथा संरक्षा मानकों के अनुरूप सभी आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए। स्टेशन मास्टर कक्षों में यथाशीघ्र CCTV कैमरे लगाने पर भी जोर दिया।

निर्माण एवं अनुरक्षण कार्यों की गुणवत्ता पर जोर देते हुए महाप्रबंधक महोदय ने स्पष्ट कहा कि उन्हें केवल मरम्मत नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण पुनःकार्य (Rework) के माध्यम से स्थायी समाधान चाहिए। उन्होंने सभी शाखा अधिकारियों को संबंधित ठेकेदारों के साथ सीधे संपर्क एवं समन्वय स्थापित कर कार्यों की नियमित निगरानी करने की सलाह दी।  उन्होंने कानपुर क्षेत्र में रेल परिचालन एवं अन्य व्यवस्थाओं में आगामी दो माह के भीतर व्यापक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आगामी मानसून से पहले सभी स्टेशनों एवं प्लेटफॉर्मों की ड्रेनेज व्यवस्था को दुरुस्त करने तथा जल निकासी की समस्याओं का स्थायी समाधान करने पर विशेष बल दिया।

महाप्रबंधक ने रेल परिसरों में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए कोचों पर सोलर पैनल लगाने के दौरान वेल्डिंग के स्थान पर उपयुक्त चिपकाने की तकनीक अपनाने की सलाह दी। उन्होंने अधिकारियों को अधिकाधिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीकों का उपयोग कर कार्यों की दक्षता एवं निगरानी प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आवश्यकता एवं योग्यता के अनुरूप कर्मचारियों को पर्यवेक्षकीय जिम्मेदारियां देने तथा उपलब्ध मानव संसाधन से अधिक प्रभावी ढंग से कार्य लेने पर बल दिया। बैठक के अंत में महाप्रबंधक ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों की नियमित समीक्षा करें तथा संरक्षा, समयपालन, यात्री सुविधाओं, आधारभूत संरचना एवं राजस्व वृद्धि के क्षेत्र में ठोस एवं परिणामोन्मुखी सुधार सुनिश्चित करें।

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