हिंदी केवल कार्यालयीन कामकाज की भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, संवेदना और आत्मीयता की भाषा भी है – ई. प्रभाकर राव

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एनटीपीसी सिंगरौली में हिंदी पखवाड़ा-2026 का शुभारंभ

शक्तिनगर, सोनभद्र,। एनटीपीसी सिंगरौली में राजभाषा हिंदी के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा कार्यालयीन एवं व्यावहारिक कार्यों में हिंदी के प्रयोग को और अधिक प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हिंदी दिवस के अवसर पर हिंदी पखवाड़ा-2026 का शुभारंभ किया गया। 14 से 28 सितंबर तक आयोजित इस पखवाड़े के दौरान कर्मचारियों, गृहिणियों, विद्यार्थियों, शिक्षकों, पत्रकारों, ग्राम प्रधानों तथा नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति के सदस्य कार्यालयों के लिए विविध प्रतियोगिताओं एवं विचार गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। 

हिंदी दिवस के अवसर पर परियोजना प्रमुख एवं कार्यकारी निदेशक, एनटीपीसी सिंगरौली  ई. प्रभाकर राव ने सभी कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों को शुभकामनाएँ देते हुए अपने संदेश में कहा कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय एकता में हिंदी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। संविधान में हिंदी को संघ की राजभाषा का दर्जा दिए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग तथा राजभाषा संबंधी प्रावधानों के प्रभावी अनुपालन का आह्वान किया।

 ई. प्रभाकर राव ने कहा कि हिंदी केवल कार्यालयीन कामकाज की भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, संवेदना और आत्मीयता की भाषा भी है। इसलिए हिंदी को दैनिक जीवन, कार्य-व्यवहार, शिक्षा और संवाद में सहज रूप से अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने एनटीपीसी की कर्मठता, नवाचार एवं उत्कृष्ट कार्यसंस्कृति का उल्लेख करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि राजभाषा हिंदी के प्रयोग और प्रचार-प्रसार में भी एनटीपीसी सिंगरौली नई उपलब्धियाँ स्थापित करेगा।

उन्होंने कर्मचारियों से हिंदी पखवाड़े के विभिन्न कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक सहभागिता करने तथा हिंदी को केवल दायित्व नहीं, बल्कि अपनी कार्यसंस्कृति एवं आत्मगौरव का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन राजभाषा सामान्य ज्ञान, हिंदी निबंध, हिंदीतर भाषी कर्मचारियों के लिए निबंध, कार्यालयीन प्रारूप लेखन तथा ‘डिजिटल युग में हिंदी’ विषय पर ऑनलाइन लघु चलचित्र प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। निबंध प्रतियोगिताओं में ‘विकसित भारत के निर्माण में राजभाषा हिंदी की भूमिका’ तथा ‘जन-गण-मन की भाषा—हिंदी भाषा’ जैसे समसामयिक विषय शामिल किए गए हैं।  

पखवाड़े को परियोजना परिसर से आगे समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने के उद्देश्य से गृहिणियों के लिए ‘भारतीय संस्कृति के संरक्षण में हिंदी की भूमिका’ विषय पर निबंध तथा हिंदी भाषा, साहित्य एवं भारतीय संस्कृति पर आधारित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए हिंदी निबंध, काव्य पाठ एवं भाषण प्रतियोगिताएँ होंगी, जबकि महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के विद्यार्थियों के लिए ‘हिंदी : एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता निर्धारित की गई है।  

हिंदी के सामाजिक, लोकतांत्रिक एवं तकनीकी आयामों पर सार्थक विमर्श के लिए पत्रकारों एवं प्रधान वर्ग के साथ ‘लोकतंत्र, मीडिया और हिंदी’, विद्यालयों के शिक्षकों के लिए ‘विकसित भारत 2047 एवं हिंदी’ विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित की जाएगी। इसी प्रकार नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति के सदस्य कार्यालयों के लिए ‘ई-ऑफिस एवं डिजिटल कार्यप्रणाली में हिंदी का प्रभावी प्रयोग’ विषय पर हिंदी निबंध प्रतियोगिता आयोजित होगी। हिंदी पखवाड़े का समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह 28 सितंबर 2026 को आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा। 

मानव संसाधन-राजभाषा अनुभाग के संयोजन में आयोजित हिंदी पखवाड़ा-2026 का उद्देश्य हिंदी को केवल औपचारिक आयोजनों तक सीमित न रखते हुए कार्यालयीन कार्य, तकनीक, शिक्षा, मीडिया, साहित्य एवं सामाजिक संवाद से जोड़ना है। व्यापक सहभागिता वाले इन आयोजनों के माध्यम से एनटीपीसी सिंगरौली राजभाषा हिंदी को सहज, व्यावहारिक और जीवंत कार्यभाषा के रूप में प्रतिष्ठित करने की अपनी प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ कर रहा है। “हिंदी अपनाकर गर्व करें, सफल यह हिंदी पर्व करें।”

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