लखनऊ।एनटीपीसी उत्तरी क्षेत्र मुख्यालय (एनआरएचक्यू), लखनऊ में हाल ही में “तनाव प्रबंधन एवं आध्यात्मिक नेतृत्व” विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य वरिष्ठ अधिकारियों में तनाव प्रबंधन की क्षमता को सुदृढ़ करना तथा मूल्यों पर आधारित आध्यात्मिक नेतृत्व को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम का उद्घाटन दिवाकर कौशिक, क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक (उत्तर) ने उत्तरी क्षेत्र के विभिन्न एनटीपीसी परियोजनाओं के परियोजना प्रमुखों, एस. एन. पाणिग्रही, कार्यकारी निदेशक (मानव संसाधन), उत्तरी एवं दक्षिणी क्षेत्र, तथा एनआरएचक्यू के वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में किया।
प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए एस. एन. पाणिग्रही ने कहा कि आज के तीव्र गति वाले व्यावसायिक जीवन में तनाव अपरिहार्य है, किंतु भावनात्मक दृढ़ता, आत्म-जागरूकता तथा आध्यात्मिक नेतृत्व के माध्यम से इसे सकारात्मक ऊर्जा में परिवर्तित किया जा सकता है।
अपने मुख्य उद्बोधन में दिवाकर कौशिक ने कहा कि कार्यस्थल पर तनाव का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने तथा उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए लचीलापन (Resilience), भावनात्मक संतुलन एवं मूल्यों पर आधारित नेतृत्व अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि सीमित मात्रा में तनाव व्यक्ति को बेहतर तैयारी करने, अपनी क्षमता का सर्वोत्तम उपयोग करने तथा कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से निष्पादित करने के लिए प्रेरित करता है।
कार्यशाला में विधुषी माथुर, काउंसलिंग साइकोलॉजिस्ट, एम/एस 1to1Help.net प्रा. लि.; वी. टी. शिवा, उद्यमी, मेंटर, योग प्रशिक्षक एवं प्रेरक वक्ता; तथा हिज़ ग्रेस दीनदयाल कृष्ण प्रभुजी, उपाध्यक्ष, इस्कॉन लखनऊ ने अपने प्रेरणादायी एवं ज्ञानवर्धक सत्र प्रस्तुत किए। वक्ताओं ने तनाव प्रबंधन, भावनात्मक स्वास्थ्य तथा उद्देश्यपूर्ण नेतृत्व से संबंधित व्यावहारिक तकनीकी एवं आध्यात्मिक दृष्टिकोण को प्रतिभागियों के साथ साझा किया।
अत्यंत सहभागितापूर्ण इस कार्यशाला का समापन प्रतिभागियों के उत्साहपूर्ण सहयोग के साथ हुआ। यह कार्यक्रम एनटीपीसी में स्वस्थ, अधिक सक्षम, भावनात्मक रूप से सुदृढ़ तथा आध्यात्मिक रूप से सशक्त कार्यबल के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।
