*अर्बन चैलेंज फंड से शहरों के कायाकल्प का मार्ग प्रशस्त : मंत्री ए. के. शर्मा*
*नई दिल्ली में ‘Urban Challenge Fund’ पर निर्णायक मंथन, विकास की प्राथमिकताओं पर बनी रणनीति*
*उत्तर प्रदेश के शहर बनेंगे ‘ग्रोथ इंजन’, आधुनिक और स्मार्ट अवसंरचना को मिलेगा बढ़ावा*
लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में कल देर शाम इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित ‘Urban Challenge Fund’ से संबंधित रणनीतिक विचार-विमर्श बैठक में शामिल हुए। बैठक में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को परियोजनाओं की प्राथमिकता निर्धारण, निर्णय प्रक्रिया को सरल बनाने, अनुमोदन प्रणाली को सुदृढ़ करने तथा निधियों के समयबद्ध निर्गमन सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने कहा कि अर्बन चैलेंज फंड (UCF) के तहत निर्धारित ₹1 लाख करोड़ की केंद्रीय सहायता देश के शहरी विकास को नई दिशा देने वाली ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि यह फंड राज्यों एवं शहरों को ‘आर्थिक विकास केंद्र’ के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार शहरी क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और UCF के अंतर्गत चिन्हित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केंद्र (ICCC), नगर सेवाओं का डिजिटलीकरण, ड्रोन आधारित अतिक्रमण प्रबंधन, ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD), डंपसाइट पुनर्वास, अपशिष्ट प्रबंधन, विरासत संरक्षण एवं स्ट्रीट लाइटिंग जैसी परियोजनाएं शहरों की कार्यक्षमता और जीवन गुणवत्ता में व्यापक सुधार लाएंगी।
उन्होंने आगे कहा कि यह पहल न केवल शहरी अवसंरचना को सुदृढ़ करेगी, बल्कि रोजगार सृजन, निवेश आकर्षण और सतत विकास को भी गति देगी। श्री शर्मा ने भरोसा जताया कि केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से उत्तर प्रदेश के शहर आधुनिक, सुव्यवस्थित और आत्मनिर्भर बनेंगे। बैठक में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर,प्रमुख सचिव नगर विकास श्री पी गुरु प्रसाद,अन्य राज्यों के प्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारियों और शहरी विकास क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लिया।
