संबलपुर । केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने वर्चुअल माध्यम से महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) की तालचेर कोयलांचल स्थित हांडीधुआ में स्थापित ‘कोल-नीर’ पैकेज्ड पेयजल संयंत्र का उद्घाटन किया। यह पहल खनन कार्य समाप्त होने के उपरांत सतत सामुदायिक विकास तथा जन कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नई दिल्ली में 22 जुलाई को आयोजित उद्घाटन समारोह में सतीश चंद्र दुबे, कोयला एवं खान राज्य मंत्री; डॉ. जितेंद्र सिंह, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार); विक्रम देव दत्त, सचिव भारत सरकार (कोयला मंत्रालय); श्रीमती रुपिंदर बरार, अपर सचिव (कोयला मंत्रालय); बी. साईराम, अध्यक्ष-कोल इंडिया लिमिटेड तथा उदय अनंत काओले, अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, एमसीएल भी उपस्थित थे। इसी क्रम में तालचेर स्थित संयंत्र परिसर में आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम में ब्रज किशोर प्रधान, विधायक, तालचेर; प्रताप चंद्र प्रधान, विधायक, अनुगुल; अगस्ती बेहरा, विधायक, छेन्डीपदा; एस. के. झा, निदेशक (तकनीकी) एमसीएल; एस. एस. नायक, मुख्य सतर्कता अधिकारी, एमसीएल; डी. सी. कुंडू- महाप्रबंधक (तालचेर क्षेत्र), ज्योतिर्मय सिन्हा- महाप्रबंधक (सीएसआर), एमसीएल; आशीष रंजन साहू, उपजिलाधिकारी, तालचेर समेत एमसीएल तथा राज्य प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी गण उपस्थित थे।
कोयला मंत्रालय के ‘मिशन ग्रीन’ के अंतर्गत एमसीएल ने हांडीधुआ भूमिगत खदान को ‘कोल-नीर’ संयंत्र स्थापित कर एक सतत सामुदायिक परिसंपत्ति के रूप में विकसित किया है। वर्ष 1998 से बंद पड़ी इस खदान का उपयोग अब खदान में संचित जल को सुरक्षित एवं किफायती पैकेज्ड पेयजल में परिवर्तित कर स्थानीय समुदायों को उपलब्ध कराने के लिए किया जाएगा। खदान से प्राप्त जल का शुद्धिकरण भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास द्वारा विकसित सीडीआई (कैपेसिटिव डी-आयोनाइजेशन) प्रौद्योगिकी के माध्यम से किया जाएगा, जिससे जल में उपस्थित प्राकृतिक एवं स्वास्थ्यवर्धक खनिज तत्व सुरक्षित रहेंगे।
100 केएलडी (किलोलीटर प्रतिदिन) क्षमता वाले हांडीधुआ ‘कोल-नीर’ संयंत्र द्वारा लगभग 8,975 लोगों की पेयजल आवश्यकताओं की पूर्ति की जाएगी तथा 41 स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए आजीविका के अवसर सृजित होगी। वर्तमान में इस सयंत्र से 40 केएलडी (20 लीटर जार) द्वारा पेयजल सुविधा उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त, स्व-सहायता समूहों के माध्यम से तालचेर ब्लाक में पैकेज्ड पेयजल के वितरण की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे आजीविका संवर्धन के साथ-साथ सामुदायिक सहभागिता को भी प्रोत्साहन मिलेगा। उद्घाटन कार्यक्रम के अवसर पर अतिथियों ने ‘कोल-नीर’ पहल को सक्षम बनाने में उल्लेखनीय योगदान देने वाले समर्पित सदस्यों को सम्मानित भी किया। इस पहल के माध्यम से एमसीएल- सतत विकास, महिला सशक्तिकरण तथा उत्तरदायी खनन उपरांत खदान के जल का पुनः उपयोग सुनिश्चित करते हुए सामुदायिक कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
