संशोधित झरिया मास्टर प्लान के अंतर्गत बीसीसीएल, जेआरडीए, हिंडाल्को एवं राजधानी यूनिवर्सल फैब्रिक्स के बीच दो महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर

Spread the love

पुनर्वासित परिवारों के कौशल विकास, सतत आजीविका एवं दीर्घकालिक रोजगार सृजन को मिलेगा बढ़ावा

धनबाद। कोयला मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान संशोधित झरिया मास्टर प्लान के अंतर्गत पुनर्वासित परिवारों के कौशल विकास, आजीविका तथा दीर्घकालिक सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में आज दो महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर सीएमडी, बीसीसीएल,  मनोज कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में बीसीसीएल के प्रतिनिधिमंडल ने हस्ताक्षर किए गए।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री  जी. किशन रेड्डी उपस्थित रहे। इस अवसर पर  केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान विभाग के स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में कोयला मंत्रालय के सचिव श्री विक्रम देव दत्त, अपर सचिव सनोज कुमार झा, अपर सचिव श्रीमती रूपिंदर बरार, कोयला नियंत्रक सजीश कुमार एन. सहित मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर चेयरमैन कोल इंडिया  बी.साईंराम, सीएमडी बीसीसीएल मनोज कुमार अग्रवाल, निदेशक (तकनीकी)  संजय कुमार सिंह, निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना)  राजीव कुमार सिन्हा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
अपने संबोधन में  केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री  जी. किशन रेड्डी ने कहा कि संशोधित झरिया मास्टर प्लान का उद्देश्य केवल पुनर्वास तक सीमित नहीं है, बल्कि पुनर्वासित परिवारों को सम्मानजनक आजीविका, रोजगारोन्मुखी कौशल तथा दीर्घकालिक आर्थिक अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना भी है। उन्होंने कहा कि सरकारी संस्थाओं एवं उद्योग जगत के बीच इस प्रकार की जन-कल्याणकारी पहल स्थानीय समुदायों के समावेशी विकास, कौशल संवर्धन तथा आर्थिक सशक्तिकरण को नई गति प्रदान करेंगी। उन्होंने कहा कि परियोजना पुनर्वासित परिवारों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाने के साथ स्थानीय अज्जेविका के अवसरों एवं क्षेत्र के सतत एवं समावेशी विकास को भी नई दिशा देंगी।
पहले समझौता ज्ञापन (एमओयू) में हिंडाल्को इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड की ओर से बिजनेस हेड (माइनिंग) एवं क्लस्टर हेड, संबलपुर,  कैलाश पाण्डेय उपस्थित रहे। बीसीसीएल की ओर से महाप्रबंधक (झरिया मास्टर प्लान)  राजीव चोपड़ा तथा जेआरडीए की ओर से जीएम (मा. सं.)/निदेशक, कौशल विकास, कुमार मनोज ने दोनों समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए।
दूसरे समझौता ज्ञापन (एमओयू) में राजधानी यूनिवर्सल फैब्रिक्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से कार्यकारी निदेशक प्रवेश कोचेटा ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर आदित्य बिड़ला ग्रुप के ग्रुप डायरेक्टर – कॉर्पोरेट अफेयर्स एंड डेवलपमेंट, सुनील बजाज भी उपस्थित रहे।

संशोधित झरिया मास्टर प्लान के अंतर्गत दो महत्वपूर्ण एमओयू
हिंडाल्को इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड के साथ हुए समझौते के अंतर्गत बेलगढ़िया में प्रस्तावित कौशल एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से पुनर्वासित युवाओं एवं महिलाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, व्यवहार्यता एवं आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियों के अधीन गारमेंट फैब्रिकेशन, विनिर्माण, वितरण एवं विक्रय सुविधा विकसित किए जाने का भी प्रावधान किया गया है, जिससे कौशल विकास, स्वरोजगार एवं दीर्घकालिक आजीविका के अवसर सृजित होंगे।
वहीं, राजधानी यूनिवर्सल फैब्रिक्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ सम्पन्न समझौते के अंतर्गत एक सतत औद्योगिक मॉडल विकसित किया जाएगा, जिसके माध्यम से पुनर्वासित परिवारों, विशेषकर युवाओं एवं महिलाओं, के लिए संरचित कौशल विकास, व्यावसायिक प्रशिक्षण तथा उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप दीर्घकालिक सामाजिक-आर्थिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक आत्मनिर्भरता, सामुदायिक कल्याण तथा रोजगारोन्मुखी कौशल को बढ़ावा देना है।
बीसीसीएल, जेआरडीए तथा उद्योग जगत के प्रतिष्ठित साझेदारों के बीच हुआ यह सहयोग पुनर्वासित परिवारों को सम्मानजनक आजीविका, दीर्घकालिक रोजगार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में नई संभावनाएँ प्रदान करेगा। यह पहल स्थानीय समुदायों के जीवन स्तर में स्थायी सुधार लाने के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास, महिला सशक्तिकरण और क्षेत्र में औद्योगिक प्रगति को भी नई गति प्रदान करेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *