सोनभद्र, सिंगरौली। एनटीपीसी विंध्याचल में क्षेत्रीय ज्ञानार्जन संस्थान में “मेंटोरिंग: द ब्रिज फ्रॉम एक्सपीरियंस टू एक्सीलेंस” विषय पर दो दिवसीय मेंटरिंग कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला में कुल 56 मेंटर्स एवं मेंटीज ने सहभागिता की। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ज्ञान के आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण, नेतृत्व विकास तथा भविष्य के लिए सक्षम प्रतिभाओं को तैयार करने में मेंटरिंग की महत्वपूर्ण भूमिका को और सुदृढ़ करना था।
कार्यशाला का संचालन रैपिड लर्निंग एंटरप्राइज के अजय अग्रवाल द्वारा किया गया। उन्होंने मेंटर्स एवं मेंटीज के लिए अलग-अलग तथा संयुक्त रूप से रोचक एवं संवादात्मक सत्र आयोजित किए। इन सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को केंद्रित अधिगम, सार्थक संवाद तथा मेंटर-मेंटी के बीच बेहतर समन्वय और सहभागिता का अवसर प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम में कार्यकारी निदेशक (विंध्याचल) किशोर कुमार होता की उपस्थिति रही। इस अवसर पर महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण) एम. सुरेश, महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्रीमती रूमा दे शर्मा तथा अपर महाप्रबंधक (आरएलआई) डॉ. देबस्मिता त्रिपाठी भी उपस्थित रहीं। सभी ने प्रतिभागियों को एनटीपीसी में निरंतर सीखने, मार्गदर्शन एवं नेतृत्व विकास की संस्कृति को और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रेरित किया।
यह कार्यक्रम एनटीपीसी के जन-केंद्रित दर्शन “पीपल बिफोर पीएलएफ” को प्रतिबिंबित करता है तथा मेंटरिंग को अनुभव और आकांक्षा के मध्य एक सशक्त सेतु के रूप में प्रस्तुत करता है। कार्यशाला ने ज्ञान, अनुभव और मार्गदर्शन के माध्यम से भविष्य के नेतृत्व को तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की।
एनटीपीसी विंध्याचल में दो दिवसीय मेंटरिंग कार्यशाला का आयोजन
