बीसीसीएल में ‘ई-एमबी प्रणाली के तहत रियल टाइम डेटा एंट्री हेतु टैबलेट के उपयोग’ पर प्रशिक्षण का आयोजन

Spread the love

धनबाद। कल्याण भवन, एचआरडी, जगजीवन नगर में आज बीसीसीएल के मानव संसाधन विकास विभाग द्वारा ‘ई-एमबी (इलेक्ट्रॉनिक मेजरमेंट बुक) प्रणाली के तहत रियल टाइम डेटा एंट्री हेतु टैबलेट के उपयोग’ विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाप्रबंधक (असैनिक) अशोक कुमार ने की। अवसर पर उपप्रबंधक (सिविल)  विपुल कुमार, जो बीसीसीएल में ई-एमबी रियल टाइम एंट्री के नोडल प्रभारी भी हैं, प्रशिक्षण सत्र में संसाधन व्यक्ति के रूप में उपस्थित रहे।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य सिविल विभाग से जुड़े वरीय ओवरसियर, ओवरसियर और अभियंत्रण सहायक को ई-एमबी प्रणाली में टैबलेट के माध्यम से रियल टाइम मापांक प्रविष्टि की तकनीकी प्रक्रिया से परिचित कराना था। प्रशिक्षण का मुख्य फोकस टैबलेट उपकरणों के कुशल उपयोग, ई-एमबी एप्लिकेशन के प्रभावी संचालन और प्रणाली के सहज क्रियान्वयन पर केंद्रित था, ताकि फील्ड स्तर पर डेटा प्रविष्टि अधिक पारदर्शी, तेज़ और सटीक रूप से की जा सके।

अपने संबोधन में महाप्रबंधक (असैनिक) अशोक कुमार ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम बीसीसीएल की कार्यसंस्कृति में प्रौद्योगिकी, पारदर्शिता और दक्षता को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटलीकरण और रियल टाइम डेटा प्रबंधन संगठनात्मक सफलता के प्रमुख आधार बन चुके हैं। ई-एमबी प्रणाली न केवल निर्माण कार्यों की प्रगति की सटीक निगरानी में सहायक सिद्ध होगी, बल्कि यह समयबद्धता, गुणवत्ता नियंत्रण और जवाबदेही को भी मजबूत करेगी। इस प्रणाली के माध्यम से स्थल पर ही मापांक प्रविष्टि और दस्तावेज़ अपलोडिंग जैसी प्रक्रियाएँ तत्काल संभव हो सकेंगी, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया और भी त्वरित और पारदर्शी बनेगी।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में 45 प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम में सिद्धांत और व्यवहारिक दोनों प्रकार के सत्र शामिल थे, जिसमें प्रतिभागियों ने स्वयं टैबलेट के माध्यम से डेटा एंट्री का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। प्रशिक्षण सत्र के दौरान  विपुल कुमार ने बताया कि ई-एमबी प्रणाली बीसीसीएल में डिजिटलीकरण, कार्य पारदर्शिता और त्वरित रिपोर्टिंग को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस दौरान प्रतिभागियों को टैबलेट संचालन, ई-एमबी एप्लिकेशन तक पहुंच एवं उपयोग, रियल टाइम मापांक प्रविष्टि, सहायक दस्तावेज़ों एवं फोटोग्राफ्स के अपलोडिंग के साथ-साथ डेटा सिंक्रोनाइजेशन एवं त्रुटि सुधार की विस्तृत प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी गई। यह सत्र न केवल तकनीकी दृष्टि से उपयोगी रहा, बल्कि प्रतिभागियों को डिजिटल रिपोर्टिंग और निगरानी की नई कार्यसंस्कृति से भी अवगत कराया गया।

उल्लेखनीय है कि कुछ माह पूर्व कोयला भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बीसीसीएल द्वारा ई-एमबी प्रणाली में रियल टाइम मापांक प्रविष्टि (रियल-टाइम एंट्री ऑफ़ मेज़रमेंट्स) के लिए सिविल विभाग के वरीय ओवरसियर, ओवरसियर और अभियंत्रण सहायक को टैबलेट वितरित किए गए थे। बीसीसीएल की यह पहल कोल इंडिया सहित  सभी अनुषंगी कंपनियों की प्रथम पहल थी, जिसके अंतर्गत सिविल विभाग में इलेक्ट्रॉनिक मेजरमेंट बुक (ई-एमबी) प्रणाली की औपचारिक शुरुआत की गई। कार्यक्रम को सफल बनाने में एचआरडी के  राधेश्याम दुबे, वरीय प्रबंधक (खनन),  उमेश पासवान, वरीय प्रबंधक (उत्खनन) एवं अन्य का विशेष सहयोग रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *