जलशक्ति मंत्री ने शारदा सहायक संगठन की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की, कार्यसंस्कृति और सिंचाई व्यवस्था को मिला नया आयाम, “किसानों को समय पर एवं पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता”
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने आज परिकल्प भवन सभागार में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अंतर्गत शारदा सहायक संगठन की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। जलशक्ति मंत्री ने इस दौरान समस्त अधीक्षण अभियंताओं, अधिशासी अधिकारियों, सहायक अभियंताओं एवं अवर अभियंताओं से एक एक कर उनके द्वारा कराए जा रहे कार्यों का फीडबैक लिया।बैठक के दौरान जलशक्ति मंत्री ने सभी अभियंताओं से सीधा संवाद स्थापित करते हुए उनके कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने प्रत्येक स्तर के अभियंताओं से फीडबैक लिया, उनके द्वारा किए जा रहे सराहनीय कार्यों की जानकारी प्राप्त की तथा व्यावहारिक सुझाव भी आमंत्रित किए। इस खुले संवाद से अधिकारियों में आत्मविश्वास बढ़ा है और संगठन के प्रत्येक स्तर पर सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ है। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता, संवाद और सहभागिता से ही मजबूत एवं उत्तरदायी कार्य संस्कृति विकसित होती है। उन्होंने अभियंताओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे अच्छा कार्य करें तथा विभाग के साथ-साथ अपने परिवार के प्रति भी पूर्ण समर्पण भाव रखें।

समीक्षा बैठक के दौरान जलशक्ति मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सभी चल रही एवं प्रस्तावित सिंचाई परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए तथा कार्यों की गुणवत्ता सर्वोच्च स्तर की होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सिंचाई परियोजनाएं किसानों की आय वृद्धि और प्रदेश की कृषि उन्नति से सीधे जुड़ी हैं, इसलिए इनमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
श्री सिंह ने नहरों की नियमित सफाई, मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण सुनिश्चित करने, टेल क्षेत्रों तक समुचित मात्रा में जल आपूर्ति बनाए रखने तथा जल अपव्यय रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने अवैध कटान एवं अनधिकृत जल उपयोग पर प्रभावी कार्रवाई करने तथा जल वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने पर विशेष जोर दिया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, फील्ड स्तर पर निरीक्षण बढ़ाया जाए तथा प्रगति रिपोर्ट समय से उच्चाधिकारियों को उपलब्ध कराई जाए। साथ ही किसानों से संबंधित शिकायतों का त्वरित, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
उल्लेखनीय है कि शारदा सहायक प्रणाली का CCA (कल्चरेबल कमांड एरिया) 16.58 लाख हेक्टेयर, खरीफ का PPA (67%) 11.10 लाख हेक्टेयर एवं रबी का PPA (48%) 7.95 लाख हेक्टेयर है। संगठन में कुल नहरों की संख्या 2740, लम्बाई 14580 किमी० तथा कुल टेलों की संख्या 2716 है। संगठन में कुल 06 मण्डल, 26 खण्ड कियाशील हैं। इन खण्डों में 122 सहायक अभियन्ता एवं 368 अवर अभियन्ता कार्यरत हैं। संगठन के अन्तर्गत विगत आठ वर्षों में 17 जनपदों में 104 विधान सभा क्षेत्रों में पुर्नस्थापना, पुनरोद्धार आदि के कुल 190 अदद परियोजनायें लागत 760 करोड़ की पूर्ण की गई है। वर्तमान में 82 परियोजनायें चालू स्थिति में है।
आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में 129 नई परियोजनाएं जिनकी कुल लागत 112 करोड़ रुपये की प्रस्तावित है। पिछले वर्षों में पूर्ण हुई परियोजनाओं से प्रतिवर्ष नहरों में जल की उपलब्धता क्रमशः बढ़ रही है। संगठन के अन्तर्गत फीडर कैनाल में क्षतिग्रस्त लाइनिंग की परियोजना का कियान्वयन हो रहा है जिससे हम फीडर कैनाल को लगभग 22000 क्यूसेक क्षमता से चला सकेंगे तथा दूरस्थ स्थित जनपदों में भी पर्याप्त जल की आपूर्ति हो सकेगी। संगठन के समस्त अधीक्षण अभियन्ता एवं अधिशासी अभियन्ता के साथ गहन परीक्षण कर वर्ष 2026-27 की सिंचाई परियोजनाओं का चयन किया गया है जिससे आगामी वर्षों में संगठन के समस्त नहरों में मांग के अनुरूप जलापूर्ति कराई जा सकेगी। विगत वर्षों में संगठन के अन्तर्गत जनपद लखनऊ में 3.3617 हे0, बाराबंकी में 0.75 हे० तथा अयोध्या में 3 हे० भूमि पर वृहद वृक्षारोपण कराया गया है तथा विभिन्न जनपदों में विभागीय भूमि का सीमांकन कर उसे सुरक्षित किया गया है। इस अवसर पर जलशक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद , प्रमुख सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग अनिल गर्ग , प्रमुख अभियंता एवं विभागध्यक्ष सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग संदीप कुमार, प्रमुख अभियंता परिकल्प एवं नियोजन अशोक कुमार सिंह, प्रमुख अभियंता परियोजना सोरन सिंह एवं शारदा सहायक संगठन के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता एवं अवर अभियन्ता सहित सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
