यात्रियों और रेलवे स्टाफ़ के लिए साफ़ और सुरक्षित पीने के पानी की सुविधा के उद्देश्य से चला जा रहा है विशेष ड्राइव

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हाजीपुर । पूर्व मध्य रेल के समस्तीपुर मंडल द्वारा स्टेशनों, कार्य स्थलों और रेलवे कॉलोनियों में सुरक्षित, साफ़ और हाइजीनिक पीने के पानी की सुविधा को बेहतर बनाने और उसकी उपलब्धता पक्का करने के लिए एक स्पेशल ड्राइव चलाया जा रहा है। इसे संबंधित डिपार्टमेंट के साथ मिलकर लागू किया गया है, और उच्चाधिकारियों द्वारा प्रोग्रेस की रेगुलर मॉनिटरिंग और रिव्यू किया जा रहा है।

विशेष सफ़ाई ड्राइव के तहत, पहचाने गए 795 ओवरहेड, अंडरग्राउंड और पीवीसी पानी के टैंकों में से 357 को पहले ही साफ़ और डिसइंफेक्ट किया जा चुका है। बाकी टैंकों पर तेज़ी से काम पूरा करने के लिए कड़ी नज़र रखी जा रही है। समस्तीपुर स्टेशन पर ऑटोमैटिक क्लोरीनीकरण प्लांट स्थापित है तथा अन्य लोकेशनों पर प्रस्तावित है। इसी तरह आयरन रिमूवल प्लांट दौरम मधेपुरा स्टेशन पर कार्यरत है जबकि सहरसा और बनमनखी स्टेशनों पर लगाने का प्रस्ताव है। लोगों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मंडल के सुपौल, सरायगढ़, सिमरी बख्तियारपुर, ललितग्राम एवं सहरसा स्टेशनों पर 50 हजार गैलन के पांच नये आरसीसी वाटर टैंक के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गयी है।

पानी की क्वालिटी सुधार हेतु रेलवे बोर्ड के निर्देशों का पालन करते हुए, समस्तीपुर डिवीजन ने पानी की क्वालिटी सुधारने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया है, जिसके तहत पानी के स्टोरेज टैंकों की सफाई, क्लोरीनेशन/डिसइंफेक्शन, पानी की क्वालिटी की मॉनिटरिंग और सोर्स से लेकर नल तक ट्रीटमेंट की ज़रूरतों का रिव्यू शामिल किया जा रहा है। पानी के सोर्स से नल तक पानी की क्वालिटी का असेसमेंट किया जा रहा है ताकि उन जगहों की पहचान की जा सके जहां फिल्ट्रेशन या ट्रीटमेंट की आवश्यकता है।

इस स्पेशल ड्राइव में रेलवे कॉलोनियों और कार्य स्थलों को भी कवर किया गया है, जिसमें स्टेशन/कार्य स्थल के हिसाब से कमियों की पहचान की गई है और ज़रूरी सुधार के कदम उठाए जा रहे हैं। सुरक्षित और साफ़ पीने के पानी की सुविधाओं की लगातार उपलब्धता पक्का करने के लिए, इस पूरी प्रक्रिया पर पहले से बने रिव्यू सिस्टम के ज़रिए नज़र रखी जा रही है। पूर्व मध्य रेल यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों को सुरक्षित, साफ़ और भरोसेमंद पीने के पानी की सुविधाएँ देने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके तहत सभी मंडलों में लगातार मॉनिटरिंग, बचाव के लिए मेंटेनेंस और समय पर सुधार के कदम उठाए जा रहे हैं।

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