सेल, राउरकेला इस्पात संयंत्र द्वारा डीकार्बोनाइजेशन अभियान को सुदृढ़ बनाने हेतु CO₂ डैशबोर्ड का शुभारम्भ

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राउरकेला। सेल, राउरकेला इस्पात संयंत्र (आरएसपी) ने सतत इस्पात उत्पादन तथा डिजिटल पर्यावरण प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपने CO₂ डैशबोर्ड का शुभारंभ किया है। यह अपनी तरह का पहला डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसमें शत प्रतिशत ईआरपी-एसएपी (ERP-SAP) आधारित डेटा एकीकरण किया गया है और जिसका उद्देश्य इस्पात उत्पादन श्रृंखला में कार्बन उत्सर्जन की निगरानी एवं प्रबंधन करना है। इस डैशबोर्ड का औपचारिक शुभारंभ 17 जून 2026 को निदेशक प्रभारी सचिवालय स्थित मंथन सम्मेलन कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में आरएसपी के निदेशक प्रभारी, आलोक वर्मा द्वारा किया गया।

इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन),  तरुण मिश्र, कार्यपालक निदेशक (संकार्य),  बिस्वरंजन पलई, कार्यपालक निदेशक (ईएमडी), कोलकाता  डी. दत्ता, कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं)  एस. पाल चौधरी, मुख्य महाप्रबंधक (वित्त एवं लेखा) तथा अतिरिक्त प्रभार कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा),  राजेश दासगुप्ता, संयंत्र के अन्य मुख्य महाप्रबंधक एवं विभागाध्यक्ष, ईएमडी कोलकाता के वरिष्ठ अधिकारी तथा मेसर्स सेंट्रा वर्ल्ड, बेंगलुरु के अधिकारी उपस्थित थे। आरएसपी की डीकार्बोनाइजेशन रणनीति के अंतर्गत विकसित यह CO₂ डैशबोर्ड संयंत्र के कार्बन फुटप्रिंट का वास्तविक समय (रियल-टाइम) में आकलन करने में सक्षम है तथा सिंटर प्लांट, कोक ओवन, ब्लास्ट फर्नेस, स्टील मेल्टिंग शॉप और रोलिंग मिल सहित प्रमुख उत्पादन इकाइयों का विभागवार उत्सर्जन विश्लेषण उपलब्ध कराता है। यह प्लेटफॉर्म उत्पादन एवं तकनीकी मानकों के साथ सहसंबंध स्थापित कर उत्सर्जन में योगदान देने वाले प्रमुख कारकों की पहचान करने में भी सहायक है, जिससे उत्सर्जन में कमी लाने हेतु सूचित एवं प्रभावी निर्णय लिए जा सकें।

सभा को संबोधित करते हुए आलोक वर्मा ने तकनीकी टीम के प्रयासों की सराहना की तथा सतत विकास के लक्ष्यों की प्राप्ति में डिजिटल उपकरणों के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह डैशबोर्ड पर्यावरणीय प्रदर्शन को बेहतर बनाने तथा न्यूनतम-कार्बन इस्पात उत्पादन की दिशा में आरएसपी की यात्रा को मार्गदर्शन प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

यह डैशबोर्ड मेसर्स सेंट्रा वर्ल्ड, बेंगलुरु द्वारा आरएसपी की तकनीकी टीम के सहयोग से मात्र 85 दिनों की रिकॉर्ड अवधि में विकसित किया गया है। इस परियोजना से जुड़े प्रमुख अधिकारियों में महाप्रबंधक (पर्यावरण अभियांत्रिकी) वी वी आर मूर्ति, उप महाप्रबंधक (वित्त एवं लेखा), एस नारायण राव, सहायक महाप्रबंधक (सी एंड आईटी), मायंक कुमार सिंह, सहायक महाप्रबंधक (पीपीसी), अमूल्य नायक, सहायक महाप्रबंधक (पीपीसी), सुश्री प्रीति पद्मा दास तथा वरिष्ठ प्रबंधक (ईएमडी), हिमांशु मिश्रा शामिल थे। यह डैशबोर्ड कार्बन फुटप्रिंट की गणना के लिए वर्ल्ड स्टील एसोसिएशन के ढांचे, जीएचजी प्रोटोकॉल, सीबीएएम तथा सीसीटीएस जैसी वैश्विक स्तर पर स्वीकृत कार्यप्रणालियों का उपयोग करेगा । साथ ही यह ईआरपी-एसएपी (ERP-SAP) प्रणाली से प्रतिदिन उत्पादन संबंधी आँकड़े सीधे प्राप्त करेगा, जिससे यह भारतीय इस्पात उद्योग में एक विशिष्ट एवं अभिनव पहल साबित होगा ।

इससे पूर्व महाप्रबंधक (पर्यावरण अभियांत्रिकी),  वी वी आर मूर्ति ने डैशबोर्ड के विकास संबंधी जानकारी प्रस्तुत की तथा परियोजना से जुड़ी तकनीकी टीम का परिचय कराया। सेल, कोलकाता के पर्यावरण प्रबंधन प्रभाग के प्रतिनिधियों तथा मेसर्स सेंट्रा वर्ल्ड के अधिकारियों ने डैशबोर्ड की विभिन्न विशेषताओं का प्रदर्शन करते हुए इसकी क्षमताओं पर प्रकाश डाला। मुख्य महाप्रबंधक (आई एवं ए),  के के सेनगुप्ता ने औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। यह पहल पर्यावरणीय उत्कृष्टता तथा सतत इस्पात उत्पादन के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकियों के उपयोग संबंधी आरएसपी के निरंतर प्रयासों में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

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