राउरकेला। देश के 79वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर सिविक सेंटर में राउरकेला इस्पात संयंत्र (आरएसपी) द्वारा आयोजित भव्य सम्मान समारोह में, 1957-1961 के बीच इस्पात संयंत्र में शामिल हुए और आरएसपी की मज़बूत नींव रखने में योगदान देने वाले 20 पूर्व कर्मचारियों को “इस्पात बिन्धानी सम्मान-2025” से सम्मानित किया गया। 1960 के दशक की शुरुआत में राउरकेला की जंगल पहाड़ी धरती में इस्पात के बीज बोने वाले इन दिग्गजों ने अपने प्रयासों को अभूतपूर्व सफलता के रूप में फलते-फूलते देखा है, जिससे लाखों लोगों को आजीविका मिली है और राष्ट्र की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। आरएसपी के निदेशक प्रभारी श्री आलोक वर्मा ने ओडिशा के शिल्प कोणार्क को गढ़ने वाली टीम आरएसपी के सदस्यों को सम्मानित किया। सम्मानित व्यक्तियों में सुरेश चौधरी गुप्ता, किशोर चौधरी मिश्रा, हरि कृष्णा पाढ़ी, केशब च नायक, भगवान गौड़, बी बी साहू, निरंजन पाढ़ी, जुधिष्ठर बलबंतराय, एस एन महाकुल, नबकिशोर पांडा, के सी खुंटिया, केसब चंद्र साहू, श्री प्रसन्न कुमार पाढ़ी, एस एन प्रहराज, गगन बिहारी नायक, श्री जी एन बेहरा, श्री भोलानाथ मिश्रा, बैकुंठ नाथ सामल, जी एस मिश्रा, और संतोष कुमार रथ।
इस्पात बिंधानियों के योगदान पर प्रकाश डालते हुए, श्री वर्मा ने कहा, “आज हम जिस आरएसपी को अपनी महिमा और भव्यता के साथ खड़ा हुआ देखते हैं, वह हमारी पुरानी पीढ़ियों की कड़ी मेहनत, समर्पण और प्रतिबद्धता का परिणाम है। उनकी उपलब्धियों की विरासत आने वाले वर्षों में राउरकेला स्टील प्लांट को प्रेरित और मार्गदर्शन करती रहेगी।” राउरकेला स्टील प्लांट का निर्माण करने वाले दिग्गजों की अटूट भावना का सम्मान करते हुए स्वतंत्रता दिवस को विशेष बना दिया गया है।
