उप जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक: 1200 मतदाताओं के मानक पर 30 पुराने बूथ दूसरे केंद्रों में समायोजित, 9 नए बूथ बढ़े
चंदौली। जनपद में आगामी चुनावों के मद्देनजर मतदाताओं की सहूलियत और पारदर्शी मतदान प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए मतदेय स्थलों (पोलिंग बूथों) के युक्तिकरण और सम्भाजन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया गया है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी राजेश कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय व राज्यीय राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इसमें 1200 मतदाताओं के मानक पर मतदेय स्थलों के पुनर्गठन प्रस्ताव पर व्यापक विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से सहमति बनी।
2 किमी से अधिक नहीं होगी दूरी, सभी बूथ भूतल पर
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बैठक में बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जनपद में अत्यधिक पुराने और जर्जर भवनों में संचालित होने वाले मतदेय स्थलों को उसी क्षेत्र के सुरक्षित व स्थायी सरकारी भवनों में स्थानांतरित किया जा रहा है। इसके साथ ही यह विशेष ध्यान रखा गया है कि किसी भी मतदाता को अपने मतदेय स्थल तक पहुँचने के लिए 2 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय न करनी पड़े। सभी मतदान केंद्रों को भूतल पर स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि वृद्ध व दिव्यांग मतदाताओं को कोई असुविधा न हो। इसके अतिरिक्त सभी केंद्रों पर एएमएफ (न्यूनतम मूलभूत सुविधाएं) जैसे रैम्प, पेयजल, शौचालय, बिजली, छांव (शेड) और फर्नीचर की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
30 बूथों को किया गया समायोजित, 9 नए बूथ बढ़े
भौतिक सत्यापन और सघन सर्वे के बाद जिले में कुल 9 नए मतदेय स्थल बढ़ाए गए हैं जहाँ मतदाताओं की संख्या 1200 से अधिक हो गई थी। वहीं दूसरी ओर, भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार 1200 से कम मतदाता होने के कारण 30 ऐसे मतदेय स्थलों को बंद करते हुए उसी मतदान केंद्र के दूसरे बूथों में समायोजित (मर्ज) कर दिया गया है। इस पुनर्गठन के परिणामस्वरूप जनपद में वर्तमान में संचालित कुल 1691 मतदेय स्थलों की संख्या में कुल 20 बूथों की कमी आएगी। अब जनपद में कुल प्रस्तावित मतदेय स्थलों की संख्या 1671 हो जाएगी। इस अंतिम पुनर्गठन प्रस्ताव को मंजूरी के लिए भारत निर्वाचन आयोग को भेजा जा रहा है।
जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर अमल
जनप्रतिनिधियों से प्राप्त कुल 18 प्रस्तावों/सुझावों का बारीकी से परीक्षण किया गया। इनमें से आयोग की गाइडलाइंस के अनुरूप पाए गए 02 महत्वपूर्ण सुझावों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त भौतिक सत्यापन के बाद जर्जर घोषित हो चुके 9 भवनों से मतदान केंद्रों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की मंजूरी दी गई है। बैठक में चकिया विधानसभा (383) के विधायक तथा सैयदराजा (382) विधायक के प्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा जनपद के सभी प्रमुख राष्ट्रीय व क्षेत्रीय राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्ष व पदाधिकारी, तथा सभी विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (SDM) व सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी उपस्थित थे। प्रारंभ में 1-2 बिंदुओं पर कुछ आपत्तियां आईं, परंतु विस्तृत समीक्षा के बाद सभी दलों ने एक स्वर में इस जनहितैषी प्रस्ताव पर अपनी पूर्ण सहमति प्रदान की।
