डीएफसी सक्सेस स्टोरी: कंक्रीट इंस्टीट्यूट के मंच से साझा हुए फ्रेट कॉरिडोर के अहम सूत्र

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प्रयागराज। भारतीय कंक्रीट संस्थान (ICI) प्रयागराज केंद्र ने 16 जुलाई, 2026 को एक “टेक कनेक्ट” (Tech Konnect) सेमिनार का आयोजन किया। जेके सीमेंट लिमिटेड (JK Cement Ltd) द्वारा प्रायोजित इस तकनीकी सत्र में देश के माल ढुलाई और बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) में आ रहे बड़े बदलावों, विशेषकर डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता रेलवे सेवा के वरिष्ठ अधिकारी (2007 बैच के IRTS) और वर्तमान में डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) के महाप्रबंधक (परिचालन और व्यवसाय विकास) मन्नू प्रकाश दूबे रहे, जिन्होंने डीएफसी परियोजना पर एक बेहद ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया।

बता दें कि वर्ष 1982 में एसईआरसी (SERC) चेन्नई और अन्ना विश्वविद्यालय की एक संयुक्त पहल के बाद स्थापित हुआ भारतीय कंक्रीट संस्थान आज देश की एक अग्रणी संस्था बन चुका है। महज 500 सदस्यों के एक छोटे से समूह से शुरू होकर, आज इसमें 50 क्षेत्रीय केंद्रों के साथ 16,000 से अधिक पेशेवर और 400 संगठनात्मक साझेदार जुड़े हुए हैं। यह संस्थान सीपीडब्ल्यूडी (CPWD) और पीडब्ल्यूडी (PWDs) जैसे सरकारी विभागों के साथ मिलकर काम करता है। साथ ही अमेरिकन कंक्रीट इंस्टीट्यूट और सिंगापुर कंक्रीट इंस्टीट्यूट जैसे वैश्विक संगठनों के साथ साझेदारी करके, देश में बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा देने और बेहतरीन वैश्विक तौर-तरीकों को साझा करने में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम कर रहा है।

इस गरिमामयी कार्यक्रम की शुरुआत प्रयागराज में होटल ब्लेस्सिंग्स इम्पीरिया में आईसीआई प्रयागराज के सचिव मयंक त्रिपाठी के स्वागत भाषण से हुई। इसके बाद आईसीआई के चेयरमैन गुलाब चंद्र दुबे, मुख्य अतिथि ए.बी. सरन (मुख्य महाप्रबंधक, डीएफसीसीआईएल प्रयागराज), जेके सीमेंट के जोनल हेड (सीटीएस) ई. रंजय कुमार, पश्चिम मध्य रेलवे के सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता अनिल कुमार पांडे और महाप्रबंधक (परिचालन और व्यवसाय विकास) मन्नू प्रकाश दूबे द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन किया गया।

रेलवे परिवहन क्षेत्र में 18 से अधिक वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले श्री दूबे ने उत्तर रेलवे, उत्तर मध्य रेलवे और रेलवे बोर्ड में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। उन्होंने अपने व्याख्यान में ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की शुरुआत, इसके सफर और रणनीतिक निर्माण पर एक विस्तृत केस स्टडी पेश की। अपने प्रस्तुतीकरण के दौरान उन्होंने समझाया कि कैसे भारी मालगाड़ियों को सामान्य रेल पटरियों से हटाकर विशेष रूप से बने डीएफसी ट्रैक पर ले जाने से भारतीय रेलवे को बड़ी राहत मिल रही है। इससे न केवल माल ढुलाई तेज हुई है, बल्कि आम यात्रियों के लिए अधिक ट्रेनें चलाने और उन्हें समय पर संचालित करने का रास्ता भी साफ हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि इस परियोजना के निर्माण और सुरक्षित ट्रेन संचालन में आधुनिक तकनीक का बेहतरीन इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके साथ ही, व्यापार को बढ़ावा देने के लिए गति शक्ति कार्गो टर्मिनल, निजी साइडिंग्स, ‘ट्रक्स ऑन ट्रेन’ (रो-रो सेवाएं) और पार्सल सेवाएं जैसी बेहतरीन पहलों पर काम हो रहा है। उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया कि डीएफसी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और दिल्ली-एनसीआर के बिजली घरों तक कोयले की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में एक बेहद मजबूत कड़ी साबित हुआ है।

अपनी बढ़ती परिचालन क्षमता का लोहा मनवाते हुए, श्री दूबे ने विशेष रूप से रेखांकित किया कि ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (EDFC) ने 12 जुलाई, 2026 को एक नया ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। इस कॉरिडोर ने एक ही दिन में विभिन्न जोनल रेलवियों के साथ रिकॉर्ड 526 मालगाड़ियों का सफलतापूर्वक आदान-प्रदान (इंटरचेंज) कर एक नया मील का पत्थर छुआ है।

इस सेमिनार में उद्योग जगत के अन्य अनुभवी विशेषज्ञों ने भी अपने मूल्यवान इंजीनियरिंग दृष्टिकोण साझा किए। आनंद भूषण पांडे ने यमुना और टोंस नदियों पर बनाए गए विशाल पुलों के जटिल निर्माण से जुड़े अपने प्रत्यक्ष अनुभवों को साझा किया और पानी पर बने डीएफसीसीआईएल के इन ढांचों की इंजीनियरिंग खूबियों को उजागर किया। वहीं, पश्चिम मध्य रेलवे के सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता अनिल कुमार पांडे ने इस पूरे कॉरिडोर में इस्तेमाल किए गए विशाल स्टील गर्डर्स की मजबूती, डिजाइन और उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में विस्तार से तकनीकी जानकारी दी। यह तकनीकी सत्र बेहद संवादात्मक रहा, जिसमें प्रमुख इंजीनियरिंग और संचालन अधिकारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इनमें प्रयागराज के ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर (OCC) से उप-परियोजना प्रबंधक (इंजीनियरिंग) अरविंद कुमार पांडे और सहायक परियोजना प्रबंधक (परिचालन और व्यवसाय विकास) अखिलेश कुमार भी शामिल हुए और चर्चा को आगे बढ़ाया।

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