दो फीट ऊंची नाली पर गरमाई सियासत, पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने उठाए सवाल

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 हाइडिल फील्ड से कांशीराम आवास तक नाली निर्माण को बताया अव्यवस्थित, बोले—जल निकासी का इंतजाम ही नहीं तो जनता के पैसे की बर्बादी क्यों?  नाली निर्माण के डिजाइन और गुणवत्ता की  निष्पक्ष जांच की मांग  सड़क से ऊंची नाली के कारण जलभराव और दुर्घटना के खतरे का लगाया आरोप

सोनभद्र। हाइडिल फील्ड से लेकर कांशीराम आवास तक सड़क के किनारे नगर पालिका द्वारा निर्मित करीब दो फीट ऊंची नाली को लेकर सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं रॉबर्ट्सगंज के पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने नाली निर्माण को लेकर भाजपा सरकार और स्थानीय प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क के किनारे बनाई गई नाली का निर्माण बिना समुचित ड्रेनेज प्लान और तकनीकी सर्वे के कराया गया, जिसके चलते जल निकासी की व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। पूर्व विधायक ने मौके की स्थिति का जायजा लेने के बाद कहा कि हाइडिल फील्ड से कांशीराम आवास तक चौड़ी सड़क के किनारे सड़क से लगभग दो फीट ऊंची नाली का निर्माण कराया गया है। उनका सवाल है कि यदि नाली सड़क से ऊंची है तो बारिश और अन्य पानी की निकासी किस प्रकार होगी। उन्होंने कहा कि निर्माण के कई महीने बीत जाने के बाद भी जल निकासी की समुचित व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है।

‘जनता के पैसे की बर्बादी’ का लगाया आरोप

अविनाश कुशवाहा ने आरोप लगाया कि बिना स्पष्ट ड्रेनेज प्लान और तकनीकी सर्वे के नाली का निर्माण कराए जाने से सरकारी धन के उपयोग पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि नाली निर्माण से सड़क की पटरी भी प्रभावित हुई है और भविष्य में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है।उन्होंने कहा कि जिस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में आम नागरिकों के साथ राजस्व अधिकारी और अन्य लोग आवागमन करते हैं, वहां सड़क से ऊंची नाली दुर्घटना का कारण बन सकती है। पूर्व विधायक ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, डिजाइन और जल निकासी व्यवस्था की जांच की मांग उठाई।

भुगतान और निर्माण प्रक्रिया की जांच की मांग

पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य के बाद बिना समुचित परीक्षण के भुगतान किए जाने से जनता के टैक्स के लाखों रुपये के उपयोग को लेकर सवाल खड़े होते हैं। हालांकि, ये आरोप पूर्व विधायक द्वारा लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि का उल्लेख प्रेस विज्ञप्ति में नहीं है।उन्होंने मांग की कि हाइडिल फील्ड से कांशीराम आवास तक बनी दो फीट ऊंची नाली के डिजाइन एवं निर्माण की तत्काल उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही जल निकासी की वैज्ञानिक व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए नाली के स्तर को सड़क के समतल किए जाने तथा निर्माण प्रक्रिया की विभागीय जांच कराने की मांग की।अविनाश कुशवाहा ने कहा कि जनहित से जुड़े इस मामले में जिम्मेदार विभाग को स्थिति स्पष्ट करते हुए आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।

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