बोकारो ।इस्पात संयंत्र के जनवृत-5 स्थित बोकारो इस्पात पुस्तकालय में एक कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस साहित्यिक समागम में मुख्य अतिथि के रूप में उप महाप्रबंधक (विधि) शैलेश मिश्रा उपस्थित थे। कवियों एवं कवयित्रियों को संबोधित करते हुए मिश्रा ने कहा कि साहित्य न केवल समाज का दर्पण है, बल्कि यह मस्तिष्क को भी उर्वर बनाता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि औद्योगिक शहर में निवास करने वाले कवियों, साहित्यकारों एवं रचनाकारों के लिए यह पुस्तकालय एक उत्कृष्ट मंच है, जहाँ वे अपनी लेखन क्षमता को और अधिक निखार सकते हैं।मिश्रा ने युवाओं को अपनी मातृभाषा के महत्व को समझने और उससे जुड़ने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि उप महाप्रबंधक (संपर्क एवं प्रशासन)आलोक कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि साहित्यकारों के बीच उपस्थित होने से रचनात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने कहा कि कवि और लेखक अपने कालखंड का प्रतिनिधित्व करते हैं तथा उनकी रचनाएँ भविष्य के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होती हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ शीला तिवारी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। इससे पूर्व, अखिल भारतीय चेतना दर्पण की संस्थापक सदस्या कस्तूरी सिन्हा ने मुख्य अतिथि को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया तथा स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। गोष्ठी की अध्यक्षता डॉ. आशा पुष्प ने की, जबकि मंच संचालन लव कुमार द्वारा किया गया।
काव्य पाठ के सत्र में डॉ. नरेंद्र कुमार राय ने “त्राहि मां त्राहि माम्”, लव कुमार ने “बोझ लिए फिरता हूँ”, अमृता शर्मा ने “गर्मी की हठधर्मी”, कस्तूरी सिन्हा ने “ईंट-गारे का सिमटा घरौंदा” तथा रिंकू गिरि ने “दर्शन तेरे” जैसी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसी क्रम में अर्चना मिश्रा, डॉ. आशा पुष्प, पूर्णिमा सुमन, ताराचंद महतो,कल्पना केसर,क्रांति श्रीवास्तव,अनिल श्रीवास्तव, श्याम सुंदर केवट, सोनी कुमारी, आकाश खूंटी, अंकित उपाध्याय,पंकज दास,पद्मावती कोमल, शीला तिवारी, संजू कुमारी, सुप्रिया सरस तथा दुर्गेश कुमार ने भी विविध विषयों पर आधारित अपनी कविताओं से वातावरण को काव्यमय बना दिया।
इस आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में सहायक प्रबंधक (संपर्क एवं प्रशासन) मानस चंद्र रजवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम के अंत में अमृता शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर मनोज कुमार निशांत, आर. पी. वर्मा, रंजना श्रीवास्तव,आयुष रंजन, एम. के. अभिमन्यु तथा आर. के. सिंह सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी उपस्थित थे।
