वाराणसी में जलभराव पर मंत्री ए.के. शर्मा की सख्ती, अधिशासी अभियंता निलंबित

Spread the love

*चौकाघाट सीवेज पम्पिंग स्टेशन एवं गोईठहां एसटीपी के पम्प समय से संचालित न करने पर हुई कार्रवाई*

*नगर विकास मंत्री के वाराणसी भ्रमण के दौरान जलभराव पर जताई गई गहरी नाराजगी के उपरांत शासन ने की बड़ी कार्यवाही*

*जनता की सुविधा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, जिम्मेदारी में लापरवाही पर होगी कठोर कार्रवाई-मंत्री ए के शर्मा*

वाराणसी। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा के 12 एवं 13 सितम्बर, 2026 को वाराणसी दौरे के दौरान शहर में जलभराव की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को जल निकासी की व्यवस्था युद्धस्तर पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। निरीक्षण के दौरान जलभराव की स्थिति पर मंत्री ए.के. शर्मा ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया था कि आमजन को जलभराव के कारण किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और लापरवाही करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। इसी क्रम में चौकाघाट सीवेज पम्पिंग स्टेशन एवं गोईठहां एसटीपी पर पम्पों के संचालन में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद शासन स्तर से कड़ी कार्रवाई की गई है।

        उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय), वाराणसी के निर्माण खण्ड (वि0/यां0) में अधिशासी अभियंता के पद पर तैनात पवन कुमार गुप्ता को अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही एवं उदासीनता बरतने के प्रथम दृष्टया प्रकाश में आए तथ्यों के आधार पर निलंबित कर दिया गया है। निलंबन के साथ ही उनके विरुद्ध उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1999 के नियम-7 के अंतर्गत अनुशासनिक जांच भी संस्थित की गई है। मुख्य अभियंता (क्रय), उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय), लखनऊ को पदेन जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।

     प्रथम दृष्टया यह तथ्य सामने आया कि पवन कुमार गुप्ता द्वारा चौकाघाट सीवेज पम्पिंग स्टेशन में नदी के बैकफ्लो को रोकने के लिए आवश्यक गेट/बैरियर लगाए जाने के संबंध में आगणन सहित कार्ययोजना तैयार नहीं की गई तथा उच्चाधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।इसके अतिरिक्त 03 एवं 04 सितम्बर 2026 को चौकाघाट सीवेज पम्पिंग स्टेशन एवं गोईठहां एसटीपी पर स्थित पम्पों को बंद रखा गया। भारी वर्षा के दौरान पम्पों का समय से संचालन न होने के कारण सीवर लाइनों पर अत्यधिक लोड की स्थिति उत्पन्न हुई और शहर के निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी, जिससे आम जनमानस को कठिनाई एवं असुविधा का सामना करना पड़ा। इस प्रकार की लापरवाही से विभाग की छवि भी प्रभावित हुई।

      नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने अपने वाराणसी दौरे के दौरान स्पष्ट रूप से कहा था कि जलभराव जैसी जनसमस्या में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया था कि जल निकासी के लिए सभी पम्पिंग स्टेशनों एवं नालों की प्रभावी मॉनिटरिंग की जाए तथा जहां कहीं भी कमी या लापरवाही सामने आए, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मंत्री ए.के. शर्मा के निर्देशों के क्रम में हुई यह कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संदेश है कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही, उदासीनता अथवा उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नगर विकास विभाग द्वारा शहरों में जलभराव की समस्या के स्थायी एवं प्रभावी समाधान के साथ-साथ अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।निलंबन अवधि में पवन कुमार गुप्ता कार्यालय मुख्य अभियंता (कानपुर क्षेत्र), उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय), कानपुर से सम्बद्ध रहेंगे। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *