बरौनी, बिहार । एनटीपीसी बरौनी में शनिवार को एनटीपीसी का 52वां स्थापना दिवस समारोह उत्साहपूर्वक मनाया गया। जयदीप घोष, परियोजना प्रमुख (बरौनी) ने प्रशासनिक भवन प्रांगण में एनटीपीसी ध्वज फहराते हुए उपस्थित कर्मचारियों, सीआईएसएफ कर्मियों एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। ध्वजारोहण के उपरांत एनटीपीसी गीत “अंधकार की घोर निशा में ज्योति किरण बनकर हम छाये” सामूहिक रूप से गाया गया, जिससे पूरा परिसर उत्साह और ऊर्जा से गूंज उठा।

अपने संबोधन में जयदीप घोष ने कहा कि भारत सरकार द्वारा देश की बिजली जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से 7 नवंबर 1975 को एनटीपीसी लिमिटेड की स्थापना की गई थी। वर्ष 1975 में शून्य से शुरू हुई एनटीपीसी की यात्रा आज 91,668 मेगावाट की स्थापित क्षमता तक पहुंच चुकी है। कंपनी ने वर्ष 2032 तक 149 गीगावॉट तथा वर्ष 2037 तक 244 गीगावॉट की स्थापित क्षमता हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2032 तक 60 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता प्राप्त करने का लक्ष्य है। इसके लिए परमाणु ऊर्जा, बैटरी एनर्जी स्टोरेज, कार्बन कैप्चर एवं ग्रीन केमिकल्स जैसे नए क्षेत्रों में भी कार्य किया जा रहा है।
एनटीपीसी बरौनी की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए घोष ने कहा कि 15 दिसंबर 2018 को बीटीपीएस (बरौनी थर्मल पावर स्टेशन) के एनटीपीसी में हस्तांतरण के बाद स्टेशन ने कम समय में निर्माणाधीन यूनिट का कार्य पूरा कर 500 मेगावाट की क्षमता से नियमित विद्युत उत्पादन प्रारंभ किया। उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष में एनटीपीसी बरौनी ने 75.50 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर (पीएलएफ) हासिल किया है, जो एनटीपीसी के औसत 75.03 प्रतिशत से बेहतर है। स्टेशन ने 85 प्रतिशत डिक्लेयरड कैपेसिटी (डीसी) भी हासिल की है। अक्टूबर 2026 तक स्टेशन की जल खपत 2.84 लीटर प्रति यूनिट रही है, जो निर्धारित मानक तीन लीटर प्रति यूनिट से कम है। उन्होंने बताया कि 1000 मेगावाट घंटे क्षमता वाले बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है।
पर्यावरण संरक्षण एवं राख के उपयोग के क्षेत्र में स्टेशन के प्रयासों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 82,000 पौधों का रोपण किया जा चुका है। वित्त वर्ष 2026-27 में स्टेशन ने 91.2 प्रतिशत ऐश उपयोग हासिल किया है। राख के परिवहन एवं उपयोग को बढ़ावा देने के लिए नई पोंड ऐश ट्रांसपोर्टेशन रोड के माध्यम से परिवहन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि एनटीपीसी बरौनी विद्युत उत्पादन के साथ-साथ सामुदायिक विकास के प्रति भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण एवं कौशल विकास के क्षेत्र में स्थानीय समुदाय की जरूरतों के अनुरूप विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। बेगूसराय जिले में सामुदायिक स्थलों को रोशन करने के उद्देश्य से 89 स्थानों पर हाई मास्ट लाइट लगाने का कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सीपेट, हाजीपुर में 23 युवाओं को प्लास्टिक प्रोसेसिंग ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
राष्ट्रीय स्तर पर एनटीपीसी लिमिटेड को भी इस वर्ष कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां एवं सम्मान प्राप्त हुए हैं। प्रतिष्ठित टाइम पत्रिका की ‘इंडियाज बेस्ट एम्प्लॉयर्स 2026’ सूची में एनटीपीसी को स्थान मिला है। प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना में योगदान के लिए कंपनी को ‘बेस्ट पीएसयू पार्टनर’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। एनटीपीसी के बालिका सशक्तिकरण मिशन (GEM) को महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए फिक्की सीएसआर अवार्ड प्रदान किया गया है। इसके अतिरिक्त ईटी आइकॉनिक ब्रांड्स इंडिया सर्वे 2026 में एनटीपीसी को आइकॉनिक ब्रांड के रूप में मान्यता मिली है।
एनटीपीसी बरौनी को भी इस वर्ष कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इंटरनेशनल बिजनेस कॉन्फ्रेंस द्वारा सेफ्टी कल्चर अवार्ड की गोल्ड श्रेणी में सम्मानित किया गया है। ब्रिटिश सेफ्टी काउंसिल द्वारा मेरिट श्रेणी तथा वर्ल्ड सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन द्वारा गोल्ड ट्रॉफी प्रदान की गई है। इसके अलावा 10वें एपेक्स इंडिया सीएसआर एक्सीलेंस अवार्ड 2025 की प्लैटिनम श्रेणी तथा सीईई 5 वें नेशनल पावर-जेन एनवायरनमेंट एक्सीलेंस अवार्ड्स 2026 से भी स्टेशन को सम्मानित किया गया है।
समारोह में उत्कृष्ट कार्य के लिए छह कर्मचारियों को “पावर एक्सेल” पुरस्कार प्रदान किया गया। कार्यक्रम का समापन केक काटने और नीला और सफेद गुब्बारे छोड़ने के साथ हुआ। समारोह में एनटीपीसी परिवार, सीआईएसएफ कर्मी एवं सहयोगी संस्थाओं के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
