सतत राख उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
विंध्याचल एनटीपीसी विंध्याचल ने सतत राख उपयोग की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते
हुए रेल-कम-रोड (RCR) मोड के माध्यम से कृष्णशिला साइडिंग से भारतीय रेल (IR) द्वारा एनएचएआई वाराणसी के लिए समर्पित अनुबंध के तहत पहली पोंड ऐश रेल रेक को रवाना किया। यह एनटीपीसी विंध्याचल की राख के सतत उपयोग की दिशा में एक अग्रणी पहल है,
जो अन्य एनटीपीसी स्टेशनों के लिए भी एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करती है।

इस रेक को किशोर कुमार होता, कार्यकारी निदेशक (विंध्याचल) ने रवाना किया। इस अवसर पर
एम. सुरेश, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण), एन. के. सिंह, महाप्रबंधक (अनुरक्षण एवं ए
डी एम) तथा स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
एर सी आर मोड के तहत रेल परिवहन को सड़क परिवहन के साथ एकीकृत किया जाता है, जिससे
पोंड ऐश को परियोजना स्थल तक अधिक कुशल एवं सतत तरीके से पहुंचाया जा सके। इस पहल से
बड़े पैमाने पर राख के उपयोग को बढ़ावा मिलने, सड़क परिवहन पर निर्भरता कम होने, ईंधन की
खपत में कमी तथा संबंधित कार्बन उत्सर्जन को न्यूनतम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
यह महत्वपूर्ण उपलब्धि एनटीपीसी विंध्याचल द्वारा सतत लॉजिस्टिक्स एवं पर्यावरण के प्रति
जिम्मेदार राख उपयोग के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों को दर्शाती है। साथ ही, संसाधनों के
प्रभावी उपयोग के माध्यम से बुनियादी ढांचा विकास को सहयोग प्रदान करने की दिशा में भी यह एक
महत्वपूर्ण कदम है।
