उत्तर मध्य रेलवे : ऊर्जा संरक्षण एवं ऊर्जा दक्षता की दिशा में हासिल की ऐतिहासिक उपलब्धियाँ

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सौर ऊर्जा संयंत्र से वर्ष की पहली छमाही मे  कुल 12.3 मिलियन यूनिट हरित ऊर्जा का उत्पादन

कुल स्थापित सोलर ऊर्जा हरित ऊर्ज क्षमता बढ़ कर हुई 26.8 मेगा वॉट पीक

 प्रयागराज ।  उत्तर मध्य रेलवे हरित ऊर्जा के सतत उपयोग हेतु प्रतिबद्ध है एवं महाप्रबंधक  नरेश पाल सिंह में मार्ददर्शन में इसको एक मिशन के रूप मे लिया है | उत्तर मध्य रेलवे पर्यावरण संरक्षण एवं ऊर्जा दक्षता की दिशा में निरंतर उल्लेखनीय उपलब्धि प्राप्त करता रहा है। इसी प्रयास को आगे बढ़ाते हुये उत्तर मध्य रेलवे 18 मेगावाट के सौर ऊर्जा सयंत्रों को स्थापित करने की दिशा में भी कार्य कर रहा है, जिससे कि उत्तर मध्य रेलवे की कुल स्थापित सौर क्षमता 30 मेगावाट से भी अधिक हो जाएगी, यह कार्य आगामी वर्ष तक पूर्ण कर लिया जाएगा। 

मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय, प्रयागराज पर स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्र

ज्ञात हो कि, वर्ष 2024-25 तक उत्तर मध्य रेलवे में सोलर ऊर्जा (हरित ऊर्जा) की कुल स्थापित क्षमता 12.7 मेगा वॉट पीक  थी। इसमे पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 9.7 मेगा वॉट पीक  की अतिरिक्त सोलर  ऊर्जा (हरित ऊर्जा) की क्षमता में बढ़ोत्तरी की गई, जिससे कुल स्थापित सोलर ऊर्जा (हरित ऊर्जा) की क्षमता 22.4 मेगा वॉट पीक  हो गई थी। इसी क्रम में वर्ष 2026-27 (अप्रैल-सितम्बर) में 4.4 मेगा वॉट पीक  की अतिरिक्त सोलर  ऊर्जा (हरित ऊर्जा) क्षमता की बढ़ोत्तरी की गई, जिससे वर्तमान में कुल स्थापित सोलर ऊर्जा (हरित ऊर्जा) की क्षमता 26.8 मेगा वॉट पीक  हो गई है।

उत्तर मध्य रेलवे ने कुल 26.8 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र से वित्त वर्ष 2026-27 में पहली छमाही अप्रैल-सितम्बर-2026 मे  कुल 12.3 मिलियन यूनिट बिजली (हरित ऊर्जा) का उत्पादन किया है। इससे  पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर हमारी निर्भरता मे कमी आई है साथ ही इससे हमे और अधिक सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की प्रेरणा मिल रहि है। सौर ऊर्जा द्वारा बिजली के इस उत्पादन से वित्त वर्ष 202-27 (अप्रैल-सितम्बर) मे रेलवे के राजस्व में 7.7 करोड़ रुपए की बचत हुई जिसके फलस्वरूप 10375 मेट्रिक-टन कार्बन-डाई-ऑक्साइड (ग्रीन हाउस गैस) का उत्सर्जन भी रोका गया।

उत्तर मध्य रेलवे ऊर्जा संरक्षण कि दिशा में निरंतर अग्रसर है। विगत दो वर्षों से उत्तर मध्य रेलवे, ऊर्जा संरक्षण के कार्य में अव्वल रहा है, जिसमें “जोनल रेल्वे केटेगरी” में राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार-2023 का प्रथम पुरस्कार, “उत्तर प्रदेश ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार-2024” का प्रथम पुरस्कार एवम “बिल्डिंग केटेगरी” में सूबेदारगंज रेल्वे स्टेशन को “सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट” प्राप्त कर नया कीर्तिमान गढ़कर एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इन पुरस्कारों से ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में हमारे प्रयासों और कार्यों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त हुई है। 

हरित ऊर्जा के कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा श्री जे.सी.एस. बोरा, प्रधान मुख्य बिजली इंजीनियर के नेतृत्व एवं दिशा-निर्देश मे पूरे मनोयोग एवं संकल्प के साथ पूरे उत्तर मध्य रेलवे मे कार्यान्वित की गई|

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