उत्तर प्रदेश की प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची -2025 में कोई अपील प्राप्त नहीं हुई – मुख्य निर्वाचन अधिकारी

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लखनऊ। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि निर्वाचक नामावली भारत निर्वाचन आयोग के निदेशन, नियंत्रण और अधीक्षण में तैयार और समय-समय पर अद्यतन की जाती है। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा बूथ लेवल अधिकारी की सत्यापनोपरांत प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर नामावली में नाम जोड़े जाने, विलोपित किए जाने और संशोधित किए जाने के संबंध में निर्णय लिया जाता है। 

निर्वाचक नामावलियों को निरंतर अद्यतन करते रहने के अलावा, निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रत्येक वर्ष निर्वाचक नामावलियों को अद्यतन करने के लिए वार्षिक विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) का आयोजन किया जाता है जो हर वर्ष अक्तूबर-दिसंबर की अवधि के दौरान आयोजित होता है और अगले महीने जनवरी में अंतिम नामावलियां प्रकाशित की जाती हैं। तैयार निर्वाचक नामावली का प्रारूप मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर प्रकाशित किया जाता है तथा राजनीतिक दलों को भी निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के किसी निर्णय पर यदि किसी व्यक्ति को कोई आपत्ति है, तो उसके पास लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम – 1950 की धारा 24(क) के तहत जिला मजिस्ट्रेट / जिला कलक्टर / कार्यपालक मजिस्ट्रेट के समक्ष पहली अपील दायर करने का विकल्प होता है। यदि व्यक्ति प्रथम अपील प्राधिकारी के निर्णय से भी संतुष्ट नहीं है, तो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 24(ख) के अधीन संबंधित राज्य/संघ राज्य-क्षेत्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष द्वितीय अपील दायर की जा सकती है।

हाल ही में संपन्न एसएसआर -2025 के लिए कार्यक्रम  07 अगस्त, 2024 को जारी किया गया था और उत्तर प्रदेश में निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 07 जनवरी 2025 को हुआ था। 

विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण – 2025 में दिनांक 7 जनवरी 2025 को हुए अंतिम प्रकाशन के पश्चात उत्तर प्रदेश में किसी जिला निर्वाचन अधिकारी के पास कोई भी प्रथम अपील और प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास कोई भी द्वितीय अपील नहीं प्राप्त हुई है।

चूँकि अंतिम प्रकाशित नामावली की प्रतियाँ मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों को उपलब्ध कराई गई हैं और उनका प्रारूप सीईओ उत्तर प्रदेश की वेबसाइट www.ceouttarpradesh.nic.in पर पब्लिक डोमेन में उपलब्ध है, अतः स्पष्ट है कि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा निर्वाचक नामावली में किसी प्रविष्टि के संदर्भ में लिए गए निर्णय के संबंध में किसी को कोई आपत्ति नहीं है और निर्वाचक नामावली सभी राजनीतिक दलों को निर्विवाद रूप से स्वीकार्य है।

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