सोनभद्र, सिंगरौली। सिंगरौली स्थित कोल इंडिया की प्रमुख अनुषंगी कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) ने बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय पर पहचान, जांच एवं निःशुल्क उपचार के लिए अपनी नवाचारी सीएसआर पहल ‘नन्हा सा दिल-एनसीएल’ के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया। शुक्रवार को सीएमडी, एनसीएल, एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (मानव संसाधन) मनीष कुमार, निदेशक (तकनीकी) आशुतोष द्विवेदी, मुख्य सतर्कता अधिकारी, अजय कुमार जायसवाल की उपस्थिति में इस आशय के समझौता पत्र पर महाप्रबंधक (सीएसआर) राजीव रंजन तथा सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के रवि किरण ने हस्ताक्षर किए । इस अवसर पर सीएमएस,एनसीएल, विवेक खरे, तकनीकी सचिव, निदेशक (तकनीकी), इंद्रनील राय सहित अन्य अधिकारी व ‘नन्हा-सा-दिल-एनसीएल’ के स्थानीय लाभार्थी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर अपने संबोधन में सीएमडी एन. फ्रैंकलिन जयकुमार ने एनसीएल की ‘नन्हा सा दिल’ पहल की सराहना करते हुए इसे ‘उद्देश्यपूर्ण खनन’ की संज्ञा दिया । उन्होंने कहा कि यह पहल संकट की घड़ी में जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचकर उनके परिवारों के लिए एक सच्चे सहयोगी और भरोसेमंद सहारे के रूप में काम कर रही है। उन्होंने जनकल्याणकारी सीएसआर पहलों को निरंतर आगे बढ़ाने के प्रति एनसीएल की प्रतिबद्धता दोहराते हुए परिधीय समुदाय के समग्र विकास को एनसीएल की प्राथमिकता बताया ।
‘नन्हा-सा-दिल-एनसीएल’ के द्वितीय चरण के तहत ₹ 9.17 करोड़ की लागत से सिंगरौली एवं सोनभद्र, व इससे लगे हुए जिलों में बच्चों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएंगी। इस पहल के तहत 700 स्क्रीनिंग कैंप आयोजित कर 52,500 बच्चों की स्क्रीनिंग, 1,600 इकोकार्डियोग्राम करते हुए ज़रूरतमंद बच्चों की नि: शुल्क सर्जरी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
स्क्रीनिंग को हर नन्हे दिल के करीब ले जाने के लिए स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में कैंप आयोजित किए जाएंगे।इससे हृदय संबंधी समस्या वाले बच्चों की शुरुआती स्तर पर पहचान कर उन्हें विशेषज्ञ जांच एवं शैल्य सहित अन्य उपचार के लिए समय पर श्री सत्य साईं संजीवनी के अस्पतालों में रेफर किया जा सकेगा। स्क्रीनिंग गतिविधियां, उपचार एवं फॉलो-अप सहित पूरी परियोजना को 24 माह में पूरा करने की योजना है।
‘नन्हा-सा-दिल-एनसीएल’ पहल की उल्लेखनीय बात यह भी है कि पीड़ित बच्चों की कार्डियक सर्जरी/इंटरवेंशन सत्य साईं संजीवनी अस्पतालों में कराने के साथ -साथ लाभार्थी परिवारों को परामर्श, यात्रा,रहने की सुविधा एवं उपचारोपरांत देखभाल सहित आवश्यक सहयोग भी कंपनी निःशुल्क उपलब्ध कराती है। कार्यक्रम में ‘नन्हा सा दिल-एनसीएल’ पहल के प्रथम चरण के तहत उपचार का लाभ प्राप्त करने वाले बच्चे और उनके परिजन भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर एनसीएल और श्री सत्य साईं संजीवनी संजीवनी अस्पताल की ओर से इन बच्चों को ‘गिफ्ट ऑफ लाइफ’ प्रदान किया गया।
प्रथम चरण में लक्ष्य से अधिक कैम्प व उपलब्धि
‘नन्हा सा दिल-एनसीएल’ पहल का प्रथम चरण मार्च 2025 से अगस्त 2026 तक मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश के सिंगरौली परिक्षेत्र में संचालित किया गया, जिसे उल्लेखनीय सफलता मिली। प्रथम चरण के तहत 345 स्क्रीनिंग कैंपों में 17,250 बच्चों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके सापेक्ष नन्हा सा दिल-एनसीएल पहल के तहत 534 कैंप आयोजित कर 38,315 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई जो निर्धारित लक्ष्यों के मुकाबले क्रमशः 155 प्रतिशत तथा 222 प्रतिशत रहा। साथ ही इस पहल के अंतर्गत 909 बच्चों के इकोकार्डियोग्राम किए गए। वहीं 300 से अधिक बच्चों की कार्डियक सर्जरी/उपचार सफलतापूर्वक किया गया ।
