बोकारो ।इस्पात संयंत्र ने संसाधन संरक्षण, लागत अनुकूलन तथा पर्यावरणीय संधारणीयता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से हाइड्रोलिक ऑयल की खपत कम करने एवं उसके संरक्षण हेतु एक केंद्रित संयंत्र-व्यापी अभियान प्रारंभ किया है. तकनीकी सेल विभाग द्वारा हाइड्रोलिक ऑयल संरक्षण पर आयोजित अर्धदिवसीय सेमिनार की निरंतरता में स्टील मेल्टिंग शॉप-न्यू (एसएमएस-न्यू) विभाग द्वारा हाइड्रोलिक प्रणालियों के संचालन एवं रखरखाव से जुड़े अधिकारियों, गैर-कार्यपालक कर्मचारियों तथा संविदा कर्मियों के लिए एक विशेष जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में मुख्य महाप्रबंधक (तकनीकी सेल) तथा मुख्य महाप्रबंधक (एसएमएस-न्यू) उपस्थित रहे.
सत्र के दौरान तकनीकी सेल विभाग द्वारा प्रस्तुत तकनीकी प्रस्तुति के माध्यम से हाइड्रोलिक ऑयल के विवेकपूर्ण उपयोग, लीकेज की त्वरित रोकथाम, परिचालनगत सतर्कता तथा रखरखाव के दौरान निकलने वाले प्रयुक्त ऑयल के उचित एकत्रीकरण व पुनर्प्रयोग के महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला गया. इस पहल के दौरान मुख्य महाप्रबंधक (तकनीकी सेल) एवं मुख्य महाप्रबंधक (एसएमएस-न्यू) ने सभी कर्मियों से हाइड्रोलिक प्रणालियों की परिचालन विश्वसनीयता बनाए रखते हुए ऑयल खपत में सुनियोजित कमी लाने का आह्वान किया. उन्होंने रेखांकित किया कि प्रयुक्त ऑयल के बेहतर संग्रहण एवं रीजेनेरेशन से जहां एक ओर नए ऑयल की आवश्यकता और उत्पादन लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी, वहीं दूसरी ओर ऑयल अपव्यय व निस्तारण से जुड़े पर्यावरणीय प्रभावों को न्यूनतम करने में मदद मिलेगी. इसी क्रम में आगामी 7 से 10 दिनों के भीतर हाइड्रोलिक ऑयल का उपयोग करने वाले अन्य प्रमुख विभागों में भी ऐसे जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएंगे.
यह आयोजन बोकारो इस्पात संयंत्र की जिम्मेदार रखरखाव पद्धतियों, प्रक्रियात्मक दक्षता तथा चक्रीय अर्थव्यवस्था (सर्कुलर इकोनॉमी) के सिद्धांतों को अपनाने की सुदृढ़ प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है. कार्यबल को संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और शून्य-अपव्यय के प्रति प्रेरित करने वाली यह दूरदर्शी पहल संयंत्र के लागत अनुकूलन लक्ष्यों को सशक्त बनाने के साथ-साथ सतत औद्योगिक विकास की दिशा में अत्यंत सहायक सिद्ध होगी.
