प्रथम सप्ताह में 2,607 डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जारी, 2,697 पेंशनधारकों ने लिया शिविरों का लाभ
प्रयागराज । भारत सरकार के राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (DLC) अभियान 5.0 के अंतर्गत उत्तर मध्य रेलवे द्वारा एक माह तक चलने वाले विशेष अभियान का संचालन किया जा रहा है। यह अभियान 01 नवंबर 2026 से प्रारंभ होकर 30 नवंबर 2026 तक चलेगा। इसका उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों, सेवानिवृत्त रेल कर्मचारियों एवं अशक्त पेंशनधारकों को वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र डिजिटल माध्यम से जमा करने की सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि उनकी पेंशन का निर्बाध भुगतान सुनिश्चित हो सके और उन्हें बैंकों एवं पेंशन कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें।

डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (DLC) पेंशनधारकों के लिए एक आवश्यक वार्षिक प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से उन्हें अपने जीवित होने का प्रमाण प्रस्तुत करना होता है, ताकि पेंशन का भुगतान निर्बाध रूप से जारी रह सके। इस पहल के तहत डिजिटल तकनीक एवं फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों एवं अशक्त पेंशनधारकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए।
इन विशेष शिविरों के माध्यम से पेंशनधारकों को ‘जीवन प्रमाण’ ऐप एवं फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के जरिए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनवाने में सहायता प्रदान की जा रही है। साथ ही, उन्हें स्वयं मोबाइल के माध्यम से DLC बनाने की प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है। वरिष्ठ पेंशनधारकों के लिए निर्धारित शिविरों में स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

प्रथम सप्ताह की उपलब्धियां: 01 से 05 नवंबर 2026
अभियान के प्रथम पांच दिनों में उत्तर मध्य रेलवे के विभिन्न मंडलों, कार्यशालाओं एवं मुख्यालय में कुल 65 शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में 2,697 पेंशनधारकों ने सहभागिता की तथा कुल 2,607 डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र तैयार किए गए। मंडल एवं इकाईवार प्रगति तथा शिविरों के आयोजन स्थलों का विवरण निम्नवत है:
1 . प्रयागराज मंडल
कुल शिविर आयोजित: 21
शिविरों में उपस्थित पेंशनधारक: 846
जारी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र: 759
शिविर आयोजन स्थल: मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय, प्रयागराज; मिर्जापुर, प्रयागराज छिवकी, फतेहपुर कानपुर सेंट्रल, इटावा, टूंडला, अलीगढ़ जंक्शन एवं चुनार स्थित स्टेशन अधीक्षक कार्यालय; सोनभद्र स्टेशन तथा दादरी स्टेशन
2. आगरा मंडल
कुल शिविर आयोजित: 08
शिविरों में उपस्थित पेंशनधारक: 469
जारी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र: 469
शिविर आयोजन स्थल: मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय, आगरा तथा भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के सहयोग से मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय, आगरा।
3 . झांसी मंडल
कुल शिविर आयोजित: 29
शिविरों में उपस्थित पेंशनधारक: 1,238
जारी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र: 1,235
शिविर आयोजन स्थल: मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय, झांसी; मंडल रेल चिकित्सालय (DRH), झांसी; खाती बाबा, झांसी; कारगिल पार्क, झांसी; रेलवे कर्मचारी सहायता डेस्क, ग्वालियर; HRMS, बांदा; महोबा स्टेशन; उरई स्टेशन; झूसी स्टेशन तथा पेंशनर्स एसोसिएशन कार्यालय, ग्वालियर।
4. झांसी कारखाना
कुल शिविर आयोजित: 02
शिविरों में उपस्थित पेंशनधारक: 70
जारी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र: 70
शिविर आयोजन स्थल: झांसी कारखाना।
5 . रेल स्प्रिंग कारखाना, सीथौली
कुल शिविर आयोजित: 01
शिविर में उपस्थित पेंशनधारक: 04
जारी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र: 04
शिविर आयोजन स्थल: कार्मिक कार्यालय, सीथौली।
6 . उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय
कुल शिविर आयोजित: 04
शिविरों में उपस्थित पेंशनधारक: 170
जारी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र: 170
शिविर आयोजन स्थल: PCPO मीटिंग हॉल, प्रयागराज; IRWO कॉलोनी, झलवा तथा सूबेदारगंज अस्पताल।
पेंशनधारकों को उपलब्ध कराई जा रही प्रमुख सुविधाएं–
DLC शिविरों के माध्यम से पेंशनधारकों को एक ही स्थान पर विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं:
डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र: जीवन प्रमाण ऐप एवं फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से मौके पर ही डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनाने की सुविधा।
डिजिटल जागरूकता: पेंशनधारकों को अपने स्मार्टफोन के माध्यम से स्वयं DLC बनाने एवं जमा करने की प्रक्रिया की जानकारी। बैंकिंग सहायता: जीवन प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए बैंक नोडल अधिकारियों का सहयोग। स्वास्थ्य सुविधाएं: निर्धारित शिविरों में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सा परामर्श की सुविधा।पेंशन संबंधी सहायता: पेंशन प्रक्रियाओं एवं अन्य संबंधित डिजिटल सेवाओं के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन।
30 नवंबर 2026 तक जारी रहने वाले इस अभियान के माध्यम से उत्तर मध्य रेलवे अपने विभिन्न मंडलों एवं इकाइयों में अधिक से अधिक पेंशनधारकों तक पहुंचने के लिए निरंतर शिविरों का आयोजन करेगा। इसका उद्देश्य पेंशन संबंधी आवश्यक सेवाओं को अधिक सुलभ, सरल एवं सुविधाजनक बनाना है।
यह पहल डिजिटल तकनीक के प्रभावी उपयोग के साथ अपने सेवानिवृत्त रेल कर्मचारियों को समावेशी, पारदर्शी एवं बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की भारतीय रेल की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
