सोलापुर । एनटीपीसी सोलापुर के डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर सभागार में बालिका सशक्तिकरण अभियान – GEM 2026 के समापन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जय कुमार श्रीनिवासन निदेशक (वित्त), एनटीपीसी तथा श्रीमती सुनीता श्रीनिवासन, वरिष्ठ सदस्या, संयुक्ता महिला समिति उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में ई. सत्य फणी कुमार, क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक (प. क्षे-1) एवं श्रीमती ई सरोजा, अध्यक्षा, सखी महिला समिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

कार्यक्रम में बी जे सी शास्त्री, कार्यकारी निदेशक एवं परियोजना प्रमुख, एनटीपीसी सोलापुर सहित सभी महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, सृजना महिला मंडल की अध्यक्षा श्रीमती पदमा शास्त्री एवं वरिष्ठ सदस्याएं एवं यूनियन एवं एसोसिएशन के पदाधिकारी, प्रतिभागी बालिकाएं, उनके अभिभावक, स्किल एरा संस्थान के प्रतिनिधि, एनटीपीसी कर्मचारीगण एवं उनके परिवारजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में निदेशक (वित्त) जयकुमार श्रीनिवासन ने एनटीपीसी सोलापुर द्वारा किए गए इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि GEM कार्यक्रम देश में परिवर्तन लाने वाला एक सशक्त माध्यम बन चुका है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी इसकी गूंज सुनाई दे रही है। क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक श्री ई. सत्य फणी कुमार ने इसे समाज में बेटियों की भूमिका को सशक्त करने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल बताया।GEM बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम में भारत की विविध सांस्कृतिक छटाएं देखने को मिलीं। नृत्य, नाट्य प्रस्तुति, आत्मरक्षा का प्रदर्शन, जैसे मनोहारी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बालिकाओं नें पूरे आत्मविश्वास के साथ मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिससे कार्यक्रम में ऊर्जा और उल्लास की एक विशिष्ट छवि उभरकर सामने आई। पूरा ऑडिटोरियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजायमान हो गया।
GEM 2026 कार्यशाला 9 मई से 9 जून 2026 तक आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र के सरकारी विदयालयों की कक्षा 6 की 50 छात्राओं को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने हेतु शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यक्तित्व विकास एवं आत्मरक्षा जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। इस अभिनव सीएसआर पहल के अंतर्गत, चयनित 4 प्रतिभाशाली बालिकाओं को एनटीपीसी टाउनशिप स्थित नोट्रे डैम अकादमी में निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी। डि-रजिस्ट्रेशन के उपरांत बालिकाओं को उनके अभिभावकों को सौंपा गया। यह कार्यक्रम न केवल इन बेटियों के सपनों को पंख दे रहा है, बल्कि संपूर्ण क्षेत्र को भी एक सशक्त और जागरूक समाज की दिशा में अग्रसर कर रहा है।
