अहरौरा, मिर्जापुर। क्षेत्र के अत्यंत ही मनोरम खूबसूरत प्राकृतिक पर्यटन स्थल लिखनिया दरी रविवार को तेज धूप होने के बाद भी गुलज़ार रहा और हजारों लोगों ने प्राकृतिक वातारण में पहाड़ी चट्टानों से कल कल छल छल आते जल में अठखेलियां करते नजर आए। वहीं शाम चार बजे लिखनिया दरी का गेट बंद कर दिया जाता है और अंदर प्रवेश हुए लोगों को बाहर निकाल दिया जाता है। प्रकृति की गोद में बसे चारों तरफ हरी भरी ऊंची पहाड़ियों से घिरे लिखनिया दरी जलप्रपात में डोंगिया बांध से लेकर आसपास के पहाड़ियों का पानी चुना दरी से होते हुए आता है जो आगे चलकर अहरौरा बांध में पहुंच जाता है। वाराणसी शक्ति नगर की पुरानी रोड के किनारे स्थित इस पर्यटन स्थल पर रविवार को मिर्जापुर, वाराणसी, सोनभद्र, चंदौली सहित अन्य स्थानों से भारी संख्या में लोग मौजमस्ती करने के लिए आए। और पहाड़ों से निकल कर बहते झरने में जल क्रीड़ा किए। पर्यटन स्थल पर सुरक्षा के दृष्टि से पुलिस फोर्स भी मौजूद रही।
चार बजे के बाद न जाए लिखनिया दरी
बन विभाग के सुकृत रेंजर हिमांशू श्रीवास्तव ने बताया की पूर्व में लिखनिया दरी जलप्रपात और चूना दरी जलप्रपात पर लोगो की डूबने की हुई कई घटनाओं के बाद सुरक्षा की दृष्टि से लिखनिया दरी पर चार बजे के बाद प्रवेश वर्जित कर दिया जाता है। और चूना दरी जलप्रपात पर जाने की पूर्ण मनाही है इसके लिए सुरक्षा कर्मी लगाएं गए हैं की कोई चुना दरी न जाने पाए।
