सोनभद्र। कजरहट स्थित अल्ट्राटेक लाइमस्टोन माइंस की लीज निरस्त होने के बाद अल्ट्राटेक सीमेंट के श्रमिकों में रोजगार एवं भविष्य को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है। श्रमिकों के हितों को लेकर अल्ट्राटेक के ठेकेदार एस.एन. सिंह एवं राजकिशोर पाठक ने माननीय राज्य मंत्री, समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति संजीव गोंड को ज्ञापन सौंपकर श्रमिकों की आजीविका एवं रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
प्रतिनिधियों ने बताया कि कजराहट माइंस की लीज निरस्त होने के कारण खनन कार्य बंद हो गया है तथा खनन में प्रयुक्त मशीनों को अन्य स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया हैl उनका कहना है कि वर्तमान में जुलगुल-भलुआ क्षेत्र की खदानों से सीमेंट निर्माण के लिए आवश्यक गुणवत्ता का पत्थर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है। इसकी पूर्ति के लिए अल्ट्राटेक द्वारा मध्य प्रदेश स्थित खदानों से पत्थर मंगाया जा रहा है।
श्रमिक संगठनों ने आशंका जताई कि यदि कजराहट माइंस का संचालन शीघ्र प्रारंभ नहीं हुआ, तो आने वाले समय में अल्ट्राटेक सीमेंट के उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसके साथ ही क्षेत्र में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े लगभग 2,000 श्रमिक परिवारों के समक्ष रोजगार और आजीविका का गंभीर संकट उत्पन्न होने की संभावना है। ज्ञापन के माध्यम से प्रतिनिधियों ने प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से अनुरोध किया कि श्रमिक हितों, रोजगार की सुरक्षा तथा क्षेत्र के औद्योगिक विकास को ध्यान में रखते हुए आवश्यक पहल की जाए, ताकि श्रमिकों की आजीविका सुरक्षित रहे और औद्योगिक उत्पादन भी प्रभावित न हो।
