धनबाद। सीएमडी बीसीसीएल, मनोज कुमार अग्रवाल तथा दक्षिण पूर्व रेलवे (एसईआर) के महाप्रबंधक, अनिल कुमार जैन की उपस्थिति में आज दक्षिण पूर्व रेलवे मुख्यालय, कोलकाता में एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें बीसीसीएल और एसईआर डीवीजन के सभी वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे। इस बैठक में कोयला परिवहन क्षमता बढ़ाने, साइडिंग अवसंरचना को सुदृढ़ करने तथा परिचालन दक्षता में सुधार सहित विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक के दौरान बीसीसीएल द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में 2025-26 में साइडिंग्स के माध्यम से रेक लोडिंग प्रदर्शन में गिरावट दर्ज की गई है। अप्रैल 2026 (28 अप्रैल तक) के आंकड़ों में भी कमी परिलक्षित हुई, जिसका प्रमुख कारण मानसून के दौरान भारी वर्षा, भूमि अधिग्रहण से जुड़े कानून-व्यवस्था के मुद्दे तथा ऊर्जा मांग में कमी के चलते उपभोक्ताओं की संख्या में गिरावट रहा। हालांकि, मई एवं जून 2026 के लिए लोडिंग में सुधार का अनुमान जताया गया है। बीसीसीएल ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विस्तृत लोडिंग पूर्वानुमान भी प्रस्तुत किया, जिसके अनुसार कुल रेक लोडिंग को क्रमिक रूप से बढ़ाकर चौथी तिमाही तक 16.75 रेक प्रति दिन तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। यह वृद्धि मुख्यतः विभिन्न साइडिंग्स की परिचालन क्षमता में सुधार तथा महेशपुर साइलो के संचालन पर निर्भर करेगी। बैठक में वाशरी (Washery) इकाइयों की उत्पादन क्षमता पर भी चर्चा की गई। जामाडोबा, मुनिडीह, मधुबन तथा भोजूडीह वाशरी सहित प्रमुख इकाइयों की कुल उत्पादन क्षमता को बेहतर उपयोग में लाने पर बल दिया गया। साथ ही, सुदामडीह वाशरी के मोनेटाइजेशन की प्रक्रिया भी प्रगति पर होने की जानकारी दी गई।
बीसीसीएल ने रेलवे से कई महत्वपूर्ण सहयोगात्मक मांगें भी रखीं, जिनमें प्रमुख है-
कतरास–मालकेरा परित्यक्त लिंक लाइन के समीप लगभग 6.81 एकड़ भूमि का लीज पर हस्तांतरण सुदामडीह साइडिंग नंबर 5 के अवसंरचना उन्नयन कार्यों को शीघ्र प्रारंभ करना बोर्रागढ़ साइडिंग ट्रैक विस्तार का पूर्णता प्रमाण पत्र जारी करना ।
लोयाबाद गुड्स शेड का आवंटन, ताकि कोयला निकासी में तेजी लाई जा सके ।
केकेसी-लिंक साइडिंग के लिए फ्री लोडिंग टाइम को 3 घंटे से बढ़ाकर 5 घंटे करना डिमरेज (Demurrage) शुल्क में आंशिक/पूर्ण छूट प्रदान करना ।
अवसंरचनात्मक विकास से संबंधित मुद्दों में सुदामडीह साइडिंग के नवीनीकरण में देरी, मूनिडीह साइडिंग को नई वाशरी से जोड़ने की परियोजना में लंबित स्वीकृतियां, तथा धौबनी पुल के निर्माण में विलंब जैसे विषय प्रमुख रहे। वहीं भोजूडीह साइडिंग के सफलतापूर्वक संचालन प्रारंभ होने की जानकारी भी साझा की गई। बैठक में केकेसी (लिंक) एवं केकेसी (मेन) साइडिंग्स को मुख्य रेलवे लाइन से स्थानांतरित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। बीसीसीएल ने सुझाव दिया कि महेशपुर साइलो के संचालन के पश्चात केकेसी लिंक साइडिंग की संरचना का उपयोग केकेसी मेन साइडिंग के स्थानांतरण में किया जा सकता है। वित्तीय मामलों पर चर्चा करते हुए बताया गया कि वर्तमान में कंपनी की अग्रिम धनराशि दक्षिण पूर्व रेलवे के पास लंबित है, जिस पर बीसीसीएल द्वारा अनुरोध किया गया कि इस राशि को भविष्य में देय डिमरेज एवं अन्य शुल्कों के समायोजन हेतु उपयोग में लाया जाए। बैठक के अंत में दोनों पक्षों ने कोयला परिवहन को अधिक सुगम, लागत-प्रभावी एवं समयबद्ध बनाने के लिए समन्वित प्रयासों को और सुदृढ़ करने पर सहमति व्यक्त की। अधिकारियों ने आशा व्यक्त की कि इन पहलों से देश की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा तथा रेलवे–कोयला क्षेत्र के बीच सहयोग और अधिक मजबूत होगा।
