मुख्यमंत्री ने वृहद पौधरोपण अभियान-2026 की तैयारियों की समीक्षा की

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वर्तमान में प्रदेश में रामसर स्थलों की संख्या 12

लखनऊ :

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस वर्ष एक दिन में 35 करोड़ पौधरोपण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा है कि विगत वर्षों में जनभागीदारी से प्रदेश ने वृक्षारोपण में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। अब इसे जनआन्दोलन के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री आज यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में वृहद पौधरोपण अभियान-2026 की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने आह्वान किया कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत प्रत्येक आंगनवाड़ी केन्द्र में न्यूनतम 05 सहजन के पौधे लगाए जाएं। स्कूल-कॉलेजों में हर विद्यार्थी कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए। मुख्यमंत्री ने गंगा एक्सप्रेस-वे के दोनों किनारों पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण को प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि वृक्षारोपण को केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सतत् जन-अभियान के रूप में संचालित किया जाए।
मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि प्रदेश में विगत वर्षों में वृक्षारोपण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। वर्ष 2009 से वर्ष 2016 के बीच जहां 51.48 करोड़ पौधे लगाए गए थे, वहीं वर्ष 2017 से वर्ष 2025 के बीच यह संख्या बढ़कर 242.13 करोड़ हो गई। इसी अवधि में प्रदेश के वन एवं वृक्षावरण में 03 लाख 38 हजार एकड़ की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। प्रदेश का हरित आवरण लगभग 9.96 प्रतिशत तक पहुंच गया है। कार्बन स्टॉक में वृद्धि के मामले में भी प्रदेश राष्ट्रीय औसत (1.13 प्रतिशत) से आगे है। इसमें 2.46 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश को हरित क्रान्ति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2030 तक 15 प्रतिशत और वर्ष 2047 तक 20 प्रतिशत हरित आवरण का लक्ष्य हर हाल में हासिल करना है।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026 के वृक्षारोपण अभियान को पूरी तरह वैज्ञानिक, योजनाबद्ध और परिणामोन्मुख बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने माइक्रो प्लानिंग को अभियान की आधारशिला बताते हुए ग्रामीण और शहरी स्तर पर तैयार सभी माइक्रो प्लान का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने पौधों की गुणवत्ता और उपलब्धता पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि सभी विभागों को वन विभाग की नर्सरियों से निःशुल्क एवं उच्च गुणवत्ता वाले पौधे उपलब्ध कराए जाएं। मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि प्रदेश में 1,935 विभागीय नर्सरियां संचालित हैं। 50 करोड़ से अधिक पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, जिसके लिए 34 नई नर्सरियों की स्थापना भी की गई है। उद्यान व रेशम विभाग और निजी क्षेत्र की नर्सरियों को भी वृक्षारोपण अभियान से जोड़ा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों की सुरक्षा और उनकी जीवितता सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने आधुनिक तकनीक के माध्यम से सतत मॉनिटरिंग किए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि ‘हरीतिमा’ ऐप, जी0आई0एस0 मैपिंग, क्यू0आर0 कोड आधारित ट्रैकिंग तथा प्लाण्टेशन मॉनीटरिंग सिस्टम (पी0एम0एस0) और नर्सरी मैनेजमेंट सिस्टम (एन0एम0एस0) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से वृक्षारोपण की निगरानी की जा रही है। वर्ष 2025 के विशेष सर्वेक्षण में वन विभाग द्वारा लगाए गए पौधों की जीवितता 80 प्रतिशत दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री ने शहीदों, स्वाधीनता संग्राम सेनानियों व अन्य हुतात्माओं के नाम पर वन/वाटिका स्थापित करने पर बल देते हुए कहा कि नदियों तथा हाई-वे आदि के किनारे भी पौधे लगाए जाएं। मुख्यमंत्री ने इस वर्ष अयोध्या में रामायणकालीन पौधे लगाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को आगामी 30 मई तक अपनी-अपनी विस्तृत कार्ययोजना तैयार किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि निर्धारित समयबद्ध कार्यक्रम के अनुसार वृक्षारोपण सुनिश्चित करें। वृक्षारोपण अभियान को सफल बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से ’शेखा झील पक्षी विहार, अलीगढ़’ को रामसर साइट घोषित किए जाने का प्रमाण पत्र भी सौंपा गया।
ज्ञातव्य है कि उत्तर प्रदेश में कुल 12 रामसर स्थल नामित किए जा चुके हैं, जो कुल 38,992.25 हेक्टेयर क्षेत्रफल आच्छादित करते हैं। शेखा झील पक्षी विहार रामसर स्थल 40.309 हेक्टेयर क्षेत्रफल के साथ प्रदेश का सबसे छोटा रामसर स्थल है। वर्ष 2016 में इसे पक्षी विहार के रूप में अधिसूचित किया गया था।

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