सुखदरिया दरी में डूबे बैंक कर्मी का शव 18 घंटे बाद बरामद 

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एक युवक का शव रविवार शाम को ही हो गया था बरामद 

अहरौरा ,मिर्जापुर। स्थानीय थाना क्षेत्र के सुखदरिया दरी जलप्रपात पर डूबे प्राइवेट बैंक कर्मी अजय कश्यप उर्फ रिंकू का शव 18 घंटे बाद जलप्रपात पर स्थित कुंड से मिर्जापुर से आई एस डी आर एफ की टीम ने बरामद किया । बता दें की रविवार को दोपहर में एक दर्जन साथियों के साथ वाराणसी के रामनगर थाना क्षेत्र के तपोवन निवासी विकास झा और अजय कश्यप सुखदरिया जल प्रपात पर पिकनिक मनाने के लिए आए हुए थे की शाम को दोनों जलप्रपात में मस्ती करते समय डूब गए थे जिसमें विकास झा का शव रविवार को ही बरामद हो गया था। लेकिन अजय का शव काफी खोजबीन के बाद भी नहीं मिल पाया था।

सोमवार को सुबह ही एस डी आर एफ की टीम और डूबे युवकों के परिजन घटना स्थल पर पहुंच गए थे और एस डी आर एफ ने आसपास के झरनों सहित कुंड में शव की तलाश शुरू की काफी प्रयास के बाद वरुणा वाराणसी में आई सी आई सी आई बैंक के कर्मचारी अजय कश्यप उर्फ रिंकू 32 वर्ष का शव मिला। घटना स्थल से शव पुलिस थाने लेकर आई यहां से फिर दोनों युवकों का शव अंत्य परीक्षण के लिए मिर्जापुर भेज दिया गया। थाना प्रभारी अजय कुमार मिश्रा ने बताया की मृतक अजय कश्यप के भाई कुंदन और विकास झा के साले रितेश की तहरीर पर इत्तेफाकिया दर्ज कर दोनों शवों को अंत्य परीक्षण के लिए भेज दिया गया है।

बता दें की अजय कश्यप उर्फ रिंकू की शादी 11 जुलाई को हुई थी और 19 जुलाई को अजय शादी की पार्टी देने के लिए आधा दर्जन से अधिक मित्रों के साथ सुखदरिया जल प्रपात पर आया हुआ था। मृतकों के पड़ोसी रंजीत सिंह ने बताया की विकास झा दो भाई हैं यह बड़ा था और पूजा पाठ करवाकर अपने परिवार को जीविकोपार्जन करता था। विकास को तीन बच्चे है जिसमें दो लड़कियां साक्षी और अंशिका तथा एक लड़का वंशित जो मानसिक रूप काफी बीमार रहता है। वहीं अजय कश्यप जिसकी शादी एक सप्ताह पूर्व थी भी दो भाई हैं अजय बड़ा था और वाराणसी के वरुणा ब्रांच पर स्थित एक बैंक में काम करता था। परिजनों का कहना था की अजय के पत्नी के हाथों की मेहदी नहीं छुटी और सुहाग उजड़ गया। वहीं परिजनों के चीख पुकार से माहौल गमगीन हो जा रहा था।

मौत का कुंड बनता जा रहा है सुखदरिया 

लिखनियाँ दरी जलप्रपात पर पार्किंग शुल्क लगने और दरी के भीतर खाना बनाने और खाने पीने पर प्रतिबंध होने के साथ ही मोबाइल का नेटवर्क न मिलने के कारण पर्यटक हनुमान पहाड़ी के पूरब तरफ स्थित छातों के पास सुखदरिया जल प्रपात पर पिकनिक मनाने के लिए जाना शुरू कर दिए हैं। यहां पुलिस की भी कोई व्यवस्था नहीं रहती न ही कोई बोलने रोकने वाला होता है। लेकिन जलप्रपात पर स्थित चट्टानों पर फिसलन एवं सामने गहरा कुंड होने के कारण प्रतिवर्ष यहां भी डूबने से मौत होने लगी है। अभी तीन माह पूर्व अप्रैल में चौरहट पड़ाव वाराणसी से मित्रों के साथ पिकनिक मनाने सुखदरिया जल प्रपात पर गए ऑटो चालक सनी खान 25 वर्ष की डूबने से मौत हो गई थी शव 18 घंटे बाद बरामद हुआ था। इसके पूर्व भी कई घटनाएं हो चुकी हैं।

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