हजारीबाग। स्थानीय समुदायों के लिए सतत आजीविका के अवसरों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, एनएमएल सीबीसीएमपी ने अपने सीडी-सीएसआर पहल के तहत पगार में एक माह का मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया है। यह कार्यक्रम 10 अप्रैल से 9 मई 2026 तक हस्तशिल्प विकास संस्थान के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में कुल 20 प्रशिक्षु भाग ले रहे हैं, जिन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण और भविष्य में आय सृजन के लिए मधुमक्खी पालन किट प्रदान की जा रही हैं। इस पहल का उद्देश्य लाभार्थियों को मधुमक्खी पालन के व्यावहारिक कौशल से सुसज्जित कर उन्हें आत्मनिर्भरता और उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करना है।

आज चट्टी बरियातु पंचायत भवन में किट वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें संस्कृति महिला समिति की सदस्याओं, श्रीमती पूर्णिमा श्रीखंडे एवं श्रीमती मीनाक्षी सक्सेना सहित अन्य सदस्यों ने प्रशिक्षुओं के बीच किट वितरित कीं। इस अवसर पर ग्राम मुखिया श्री झारीलाल महतो एवं प्रतिनिधि श्री महेंद्र रजक भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके पश्चात किट वितरण एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। अतिथियों को स्मृति चिन्ह, पुष्प एवं पारंपरिक गमछा भेंट कर सम्मानित किया गया। यह पहल कौशल विकास और आजीविका संवर्धन के माध्यम से सामुदायिक विकास के प्रति सीबीसीएमपी की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है तथा स्थानीय समुदाय के सामाजिक-आर्थिक उत्थान में योगदान देती है।
