अटल आवासीय विद्यालयों ने प्रथम सी०बी०एस०ई० बोर्ड परीक्षा में रचा इतिहास

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छात्र-छात्रों ने किया 93.15% परिणाम के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन, वाराणसी एवं प्रयागराज ने हासिल किया 100% परिणाम

 लखनऊ । प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रारंभ की गई अटल आवासीय विद्यालय योजना निर्माण *निर्माण श्रमिकों एवं प्रदेश के निराश्रित* बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराने की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे श्रमिक परिवारों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ प्राप्त हो रहा है और उनके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल “*अटल आवासीय विद्यालय योजना*” के अंतर्गत संचालित प्रदेश के समस्त अटल आवासीय विद्यालयों ने अपनी प्रथम कक्षा 10 की सी०बी०एस०ई० बोर्ड परीक्षा में अत्यंत सराहनीय एवं ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की है। इस वर्ष कुल 2,178 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा में भाग लिया, जिनमें से 93.15% विद्यार्थी सप सफल घोषित हुए, जो इस नवाचारी शैक्षिक मॉडल की गुणवत्ता एवं प्रभावशीलता को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करता है।

 यह परिणाम न केवल विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत, अनुशासन एवं लगन का प्रमाण है, बल्कि शिक्षकों के समर्पित प्रयास, विद्यालय प्रशासन की सुदृढ कार्यप्रणाली तथा राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं का भी प्रतिफल है। अटल आवासीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ डिजिटल लर्निंग, खेल, कौशल विकास एवं समग्र व्यक्तित्व निर्माण पर विशेष बल दिया जाता है. जिसका सकारात्मक प्रभाव इस उत्कृष्ट परिणाम के रूप में सामने आया है।

विशेष उल्लेखनीय है कि अटल आवासीय विद्यालय, वाराणसी एवं प्रयागराज ने 100% परिणाम प्राप्त कर राज्य में उत्कृष्टता का नया मानदंड स्थापित किया है। इन विद्यालयों का प्रदर्शन यह दर्शाता है कि यदि सही दिशा, संसाधन एवं शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो, तो विद्यार्थी सर्वोच्च उपलब्धियाँ हासिल कर सकते हैं। मेधा के स्तर पर भी विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया जनपद *आज़मगढ़* के छात्र *संगम यादव* ने *97*.*6*% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। इसके पश्चात *वाराणसी* के *हर्ष कुशवाहा* ने *97*.*2*% अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान प्राप्त किया। *प्रयागराज* के छात्र *हर्षित* ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए *95*.*8*% अंक के साथ तृतीय स्थान प्राप्त किया।

इसी क्रम में, *आगरा* के *गणेश* ने *95*.*4*% अंक प्राप्त कर चतुर्थ स्थान अर्जित किया, जबकि *मुरादाबाद* के ही *उदय प्रताप* ने *95*% अंक प्राप्त कर पंचम स्थान प्राप्त किया। इन सभी विद्यार्थियों की यह उपलब्धि उनके कठिन परिश्रम, अनुशासन एवं शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है, जो अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है।  इस परीक्षा में लगभग 50 से अधिक छात्र-छात्राओं ने 90% से अधिक अंक प्राप्त किए, जो उनकी असाधारण प्रतिभा एवं निरंतर परिश्रम का प्रतीक है। इसके अतिरिक्त, लगभग 250 विद्यार्थियों ने 80% से 90% के बीच अंक प्राप्त कर विद्यालयों के उच्च शैक्षणिक स्तर को और सुदृढ़ किया है। यह उपलब्धि इस तथ्य को रेखांकित करती है कि अटल आवासीय विद्यालय केवल उत्तीर्णता ही नहीं, बल्कि उत्कृष्टता की दिशा में भी निरंतर अग्रसर हैं। प्रथम ही बोर्ड परीक्षा में प्राप्त यह उल्लेखनीय सफलता इस योजना की प्रभावशीलता, पारदर्शिता एवं गुणवत्ता का प्रमाण है और यह दर्शाती है कि राज्य सरकार की यह पहल भविष्य में शिक्षा के क्षेत्र में एक “Centre of Excellence” मॉडल के रूप में स्थापित होगी।

इस अवसर पर श्रम एवं सेवायोजन मंत्री श्री अनिल राजभर ने कहा कि “अटल आवासीय विद्यालय योजना को इस उद्देश्य से विकसित किया गया कि निर्माण श्रमिकों एवं वंचित वर्ग के बच्चों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण एवं आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके। इसके लिए सुदृढ़ आधारभूत संरचना, आधुनिक शिक्षण सुविधाएँ, योग्य शिक्षकों की नियुक्ति तथा समग्र विकास पर आधारित शैक्षणिक मॉडल तैयार किया गया है, जिससे इन बच्चों को एक बेहतर भविष्य मिल सके।”

प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन डॉ. एम. के. शन्मुगा सुन्दरम ने बताया कि “बोर्ड परीक्षा के पूर्व विद्यार्थियों की शैक्षणिक तैयारी को सुदृढ़ करने के लिए सभी अटल आवासीय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की गई थीं। इन बैठकों में विद्यालयों की आंतरिक परीक्षाओं की प्रगति का आकलन किया गया तथा विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने हेतु विभिन्न शैक्षणिक रणनीतियाँ लागू की गईं, जिनमें पीयर लर्निंग (Peer (P Learning), मॉक टेस्ट सीरीज़ (Mock Test Series) एवं सतत मूल्यांकन जैसी प्रक्रियाएँ शामिल थीं।” इसी क्रम में, अटल आवासीय विद्यालयों की महानिदेशक, श्रीमती पूजा यादव ने कहा कि “विद्यालयों में एक सुदृढ़ एवं अनुशासित शैक्षणिक वातावरण विकसित किया गया है, जहाँ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर निरंतर ध्यान दिया जाता है। शिक्षकों, प्रशासन एवं प्रबंधन के समन्वित प्रयासों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया है कि प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी पूर्ण क्षमता तक पहुँचने का अवसर प्राप्त हो।” इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए सभी सफल छात्र-छात्राओं, उनके अभिभावकों, शिक्षकों एवं विद्यालय प्रशासन को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी जाती हैं। यह सफलता निश्चित रूप से आने वाले वर्षों में और भी बेहतर परिणामों के लिए प्रेरणा प्रदान करेगी तथा प्रदेश के शैक्षिक परिदृश्य को नई दिशा देगी।

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