झज्जर । जिले के झारली गांव स्थित एपीसीपीएल पावर प्लांट में 20.08.26 को बायोमास बिजनेस पार्टनर्स मीट का आयोजन किया गया। प्रेरणा भवन सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बायोमास आपूर्तिकर्ताओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा भारत सरकार के राष्ट्रीय बायोमास मिशन के तहत विद्युत उत्पादन में बायोमास के उपयोग को और प्रभावी बनाना रहा। कार्यक्रम में करीब 30 बायोमास आपूर्तिकर्ताओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम में दिलीप काइबोर्त्ता, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एपीसीपीएल); मोहम्मद निजामुद्दीन, महाप्रबंधक (संचालन एवं अनुरक्षण); संजय जैन, महाप्रबंधक (मेंटेनेंस एवं एडीएम); अतुल अग्रवाल, अपर महाप्रबंधक (संचालन एवं एफएम); अरुण कुमार, मुख्य वित्तीय अधिकारी (एपीसीपीएल); उमेश कुमार, अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन) सहित एपीसीपीएल के सभी विभागाध्यक्ष एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत जस्मेर सिंह, अपर महाप्रबंधक (फ्यूल मैनेजमेंट) के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने विद्युत उत्पादन में बायोमास के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एपीसीपीएल की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि 25 एमएम के स्थान पर 10 एमएम आकार के बायोमास पेलेट्स के उपयोग से ईंधन की गुणवत्ता और संयंत्र के संचालन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। छोटे आकार के पेलेट्स के उपयोग से उनकी हैंडलिंग और दहन प्रक्रिया भी अधिक सुचारु हुई है।
पावर प्लांट के वरिष्ठ प्रबंधन ने कहा कि बिजली उत्पादन में बायोमास का उपयोग कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। एपीसीपीएल बायोमास के उपयोग को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। इस अवसर पर पावर प्लांट में बायोमास पेलेट्स की प्राप्ति, रख-रखाव, नमूने लेने और गुणवत्ता की जांच की पूरी प्रक्रिया पर आधारित एक वीडियो भी प्रदर्शित किया गया। इसके बाद जितेश भास्कर, उप महाप्रबंधक (कॉन्ट्रैक्ट्स एंड मैटेरियल्स) ने बायोमास पेलेट्स की खरीद प्रक्रिया पर विस्तृत प्रस्तुति दी। इसमें सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पर निविदा में भाग लेने की प्रक्रिया, पात्रता शर्तें, पेलेट्स की गुणवत्ता और तकनीकी आवश्यकताएं, उत्पादन क्षमता का आकलन, आपूर्ति की मात्रा तय करने का तरीका, भुगतान की शर्तें तथा गुणवत्ता संबंधी आवश्यकताओं की जानकारी दी गई।
प्रस्तुति के दौरान आपूर्तिकर्ताओं को स्पष्ट और निष्पक्ष खरीद प्रक्रिया के साथ-साथ निर्धारित गुणवत्ता और अनुबंध की शर्तों का पालन करने के महत्व से अवगत कराया गया। इसका उद्देश्य भविष्य की निविदाओं में अधिक से अधिक योग्य आपूर्तिकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करना और बायोमास की आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत बनाना रहा। कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में बायोमास आपूर्तिकर्ताओं ने अपने अनुभव साझा किए और एपीसीपीएल प्रबंधन ने आपूर्तिकर्ताओं के सुझावों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि प्राप्त फीडबैक का उपयोग खरीद और आपूर्ति व्यवस्था को और बेहतर बनाने में किया जाएगा।
