विंध्याचल एनटीपीसी विंध्याचल द्वारा अपने क्षेत्रीय ज्ञानार्जन संस्थान में पर्यावरण, सामाजिक और प्रशासन (ESG) पर एक विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में विंध्याचल, रिहंद और सिंगरौली परियोजनाओं से कुल 31 वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया, जिन्होंने भविष्य की दिशा तय करने वाले इन मूल्यों पर गहन समझ प्राप्त की।

कार्यक्रम का उद्घाटन कार्यकारी निदेशक(विंध्याचल)ई. सत्य फणि कुमार ने किया। उन्होंने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि आज के औद्योगिक परिदृश्य में ईएसजी केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन गया है। उन्होंने सभी अधिकारियों से आह्वान किया कि वे अपने विभागीय कार्यों को ईएसजी सिद्धांतों के अनुरूप बनाएं और संगठन की जिम्मेदार छवि को और सशक्त करें।
डॉ. देबास्मिता त्रिपाठी, अपर महाप्रबंधक(आर एल आई) द्वारा सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए प्रशिक्षण की संरचना और उद्देश्य साझा किया गया। उन्होंने सिंगरौली और रिहंद स्टेशनों के प्रमुखों को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद भी दिया।
इस दौरान डॉ. बी.सी. चतुर्वेदी, मुख्य महाप्रबंधक(चिकित्सा), ने ईएसजी को ईसीजी से जोड़ते हुए कहा कि जैसे हृदय की सेहत के लिए ईसीजी जरूरी है, वैसे ही एक संगठन की जिम्मेदारी और स्थायित्व को मापने के लिए ईएसजी स्कोर जरूरी है।
इस अवसर पर राजशेखर पाला, महाप्रबंधक(प्रचालन) और देबब्रत त्रिपाठी, अपर महाप्रबंधक(तकनीकी सेवाएँ) की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक सार्थक बना दिया।
यह प्रशिक्षण न केवल ज्ञानवर्धक था, बल्कि यह इस बात का प्रमाण भी है कि एनटीपीसी विंध्याचल सतत विकास, सामाजिक ज़िम्मेदारी और पारदर्शिता के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस तरह के प्रयास हमारे नेतृत्व को न केवल सशक्त बनाते हैं, बल्कि आने वाले कल के लिए मजबूत नींव भी तैयार करते हैं।
