CIPET भुवनेश्वर में चार महीने का आवासीय प्रशिक्षण, तीनों युवतियों सहित पूरे बैच का प्लेसमेंट
फरक्का, पश्चिम बंगाल । एनटीपीसी फरक्का की CSR पहल ने पश्चिम बंगाल और झारखंड के परियोजना प्रभावित गांवों के 30 युवाओं के लिए औद्योगिक रोजगार की राह खोली है। CIPET (केंद्रीय पेट्रोरसायन इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी संस्थान) (CSTS), भुवनेश्वर में चार महीने के आवासीय कौशल विकास कार्यक्रम के सभी प्रतिभागियों को रोजगार प्राप्त हुआ। आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना कार्यक्रम का उद्देश्य रहा। एनटीपीसी फरक्का और CIPET ने ग्राम सभाओं तथा कॉलेजों में प्रचार के माध्यम से इच्छुक युवाओं तक जानकारी पहुंचाई एवं पात्रता जांच के बाद 18 से 32 वर्ष आयु वर्ग के 30 प्रतिभागियों का चयन किया गया।

एनटीपीसी फरक्का व्यावसायिक प्रशिक्षण पर प्रतिवर्ष लगभग 90 लाख रुपये खर्च करता है। इस बैच पर लगभग 20 लाख रुपये खर्च किए गए। प्रशिक्षण के साथ भोजन, आवास, अध्ययन सामग्री व अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध की गई। इस सहयोग ने कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि के प्रतिभागियों के लिए घर से दूर रहकर प्रशिक्षण लेने की राह आसान बना दी।
9 जून 2026 को शुरू हुए मशीन ऑपरेटर इंजेक्शन मोल्डिंग प्रशिक्षण में तकनीकी पढ़ाई के साथ मशीन संचालन और प्लास्टिक प्रसंस्करण का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। प्लेसमेंट सहयोग से प्रतिभागियों का चयन कुमार इलास्टोमेक, पुणे; मरेली मदरसन ऑटोमोटिव लाइटिंग, सानंद; और जिंदल पॉली फिल्म्स, नाशिक; सहित कई अन्य कंपनियों में हुआ। मशीन ऑपरेटर, एक्जीक्यूटिव और एसोसिएट जैसे पदों के लिए मासिक सीटीसी पैकेज 19,166 से 31,734 रुपये के बीच प्रतिभागियों का चयन किया गया।
गोड्डा के 18 वर्षीय आयुष कुमार पहले सब्जियां बेचने में पिता का हाथ बंटाते थे। बारहवीं तक पढ़े आयुष को अब पुणे में मशीन ऑपरेटर पद पर करीब 31 हजार रुपये मासिक सीटीसी का प्रस्ताव मिला है। कंपनी भोजन, आवास और यात्रा का खर्च भी वहन करेगी। नौकरी शुरू होने से उन्हें परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में सहयोग करने का अवसर मिलेगा। परियोजना प्रभावित गांव अंधुआ के 21 वर्षीय पिजूष मंडल को अहमदाबाद में करीब 22 हजार रुपये मासिक सीटीसी का प्रस्ताव मिला है। उनके अनुसार, प्रशिक्षण ने नई तकनीकों से परिचय कराया और घर से दूर रहकर सीखने से उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा।
मालदा की 21 वर्षीय रिया घोष को भी गुजरात में करीब 22 हजार रुपये मासिक सीटीसी का प्रस्ताव मिला है।रिया इलैक्ट्रिकल ट्रेड में आईटीआई करने के बाद नौकरी की तलाश में थी। यह प्रशिक्षण उनकी तकनीकी शिक्षा को रोजगार से जोड़ने का अवसर बना। बैच की तीनों युवतियों का चयन ग्रामीण युवतियों के लिए औद्योगिक क्षेत्र में करियर बनाने की संभावनाओं को भी उजागर करता है।
06 अक्टूबर 2026 को CIPET भुवनेश्वर में हुए समापन समारोह में श्री देबब्रत कर, कार्यकारी निदेशक एवं परियोजना प्रमुख ( एनटीपीसी फरक्का ); श्रीमती सौम्या कर, अध्यक्षा ( उदिता महिला समिति ) और श्री आलोक कुमार रणबीर, मानव संसाधन प्रमुख ( एनटीपीसी फरक्का ) ने प्रतिभागियों को नियुक्ति प्रस्ताव पत्र सौंपे। श्री देबब्रत कर ने प्रशिक्षुओं से संवाद के दौरान तकनीकी दक्षता के साथ अनुशासन और आत्मविश्वास विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं को कार्यस्थल पर ईमानदारी और जिम्मेदारी से काम करने के लिए प्रोत्साहित किया। नई पेशेवर यात्रा की शुरुआत के लिए प्रत्येक प्रतिभागी को एक सूटकेस और आवश्यक वस्तुओं की किट भी प्रदान की गई।
एनटीपीसी फरक्का CSR के माध्यम से क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। बालिका सशक्तीकरण अभियान (GEM), ग्रामीण विद्युतीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं, शैक्षिक सहयोग, कौशल विकास तथा चिकित्सा सुविधाओं सहित सामुदायिक अवसंरचना के विकास से जुड़ी कई पहलें चला रहा है। परियोजना प्रभावित गांवों और आसपास के समुदायों की जरूरतों के अनुरूप एनटीपीसी फरक्का नियमित रूप से इन कार्यक्रमों को आगे बढ़ा रहा है तथा भविष्य में भी ऐसे प्रयास जारी रखने और नई पहलें शुरू करने के लिए प्रयत्नशील रहेगा।
