ई-वेस्ट के निस्तारण, पुनर्चक्रण एवं पुनः उपयोग को मिलेगा बढ़ावा
सोनभद्र, सिंगरौली। मंगलवार को सिंगरौली स्थित कोल इंडिया लिमिटेड की अनुषंगी कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) ने कोयला मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार ‘विशेष अभियान 6’ के ‘क्रियान्वयन चरण’ (इम्प्लीमेंटेशन फ़ेज़) के अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक कचरे के व्यवस्थित संग्रहण, पृथक्करण एवं निस्तारण को बढ़ावा देने हेतु ई-वेस्ट कलेक्शन ड्राइव का शुभारंभ किया।

इस दौरान एनसीएल मुख्यालय सहित विभिन्न परियोजना एवं इकाइयों में ई-वेस्ट कियोस्क/कलेक्शन केंद्रों का उद्घाटन किया गया। उक्त कलेक्शन सेंटर के माध्यम से एनसीएल कर्मी अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों एवं अन्य ई-वेस्ट को निर्धारित तरीके से निस्तारण हेतु जमा करेंगे। ई-वेस्ट के उचित प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कंपनी द्वारा जागरूकता कार्यशालाओं के साथ पेंटिंग एवं क्विज प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जा रहा है। एनसीएल मुख्यालय में आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों से महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष गण और अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
स्वच्छता के साथ कार्यालय परिसर को सुव्यवस्थित बनाने पर ज़ोर
‘विशेष अभियान 6’ के अंतर्गत एनसीएल द्वारा स्वच्छता अभियानों के साथ कार्यालय परिसरों को सुव्यवस्थित बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अभियान के दौरान भौतिक एवं डिजिटल फाइलों की समीक्षा कर उनके व्यवस्थित निस्तारण तथा रिकॉर्ड प्रबंधन को सुदृढ़ करने हेतु कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही कार्यालयों में अनुपयोगी एवं कम उपयोग किए जा रहे स्थानों की साफ़-सफाई एवं सौंदर्यीकरण के साथ साथ पुराने फर्नीचर, अनुपयोगी फाइलों, स्क्रैप एवं अन्य अनावश्यक सामग्रियों का आवश्यकता के अनुसार पुनः उपयोग, पुनर्चक्रण अथवा नियमानुसार निस्तारण किया जा रहा है।
डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन और स्पेस मैनेजमेंट को बढ़ावा
एनसीएल द्वारा पुराने रिकॉर्ड्स के डिजिटलीकरण पर भी जोर दिया जा रहा है, जिस से स्पेस मैनेजमेंट सुनिश्चित किया जा रहा है. इसके अलावा ‘स्पेशल कैंपेन 6’ (विशेष अभियान 6) के तहत लंबित सन्दर्भों एवं शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण, कार्यालयों, रिकॉर्ड रूम एवं अन्य क्षेत्रों में 5S/3S आधारित कार्यस्थल प्रबंधन पद्धतियों को प्रोत्साहित भी किया जा रहा है।
गौरतलब है कि एनसीएल ने गत 2 अक्टूबर , 2026 को ‘विशेष अभियान 6” के कार्यान्वयन चरण (इम्प्लीमेंटेशन फ़ेज़) की शुरुआत की थी। एनसीएल में इस अभियान का कार्यान्वयन चरण 2 अक्टूबर से 30 अक्टूबर, 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।
