महेशपुर RLS: सफल ट्रायल रेक लोडिंग के साथ BCCL ने हासिल की महत्वपूर्ण उपलब्धि

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NTPC नबीनगर के लिए प्रथम रेक का प्रेषण; First Mile Connectivity के क्षेत्र में BCCL का महत्वपूर्ण कदम

धनबाद। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) द्वारा आज महेशपुर Rapid Loading System (RLS) में सफलतापूर्वक ट्रायल रेक लोडिंग पूरी कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई। कोयला मंत्रालय एवं कोल इंडिया के मार्गदर्शन तथा राज्य सरकार एवं भारतीय रेल के सहयोग से विकसित इस परियोजना की आज सीएमडी बीसीसीएल, मनोज कुमार अग्रवाल की उपस्थिति में शुरुआत की गई। इस अवसर पर महेशपुर RLS से NTPC नबीनगर के लिए प्रथम रेक का प्रेषण भी किया गया। कार्यक्रम में निदेशक (वित्त/मानव संसाधन) राजेश कुमार, महाप्रबंधक (गोविंदपुर) सत्यकाम आनंद, महाप्रबंधक (बरोरा) के.के सिंह, महाप्रबंधक (यूजी एवं साइडिंग) जी.के. मेहता, महाप्रबंधक (विद्युत एवं यांत्रिकी) आर.आर.कर्ण, परियोजना पदाधिकारी (महेशपुर साईलो)  धीरज कुमार तथा भारतीय रेल के अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।

5.0 मिलियन टन प्रतिवर्ष (MTY) क्षमता वाला महेशपुर RLS, BCCL की पहली First Mile Connectivity (FMC) परियोजना है। यह सुविधा कोयले की मशीनीकृत एवं तीव्र रेलवे लोडिंग के माध्यम से कोयला निकासी व्यवस्था को अधिक दक्ष बनाने के लिए विकसित की गई है।महेशपुर SILO का निर्माण जनवरी 2020 में पूरा हो गया था। इसके बाद संबंधित रेलवे अवसंरचना, वैधानिक अनुमोदनों एवं परिचालन संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में कार्य किया गया। SILO के संचालन एवं रखरखाव के लिए M/s Merit Technologies India Limited को 27 अगस्त 2026 को पांच वर्ष की अवधि हेतु Letter of Award जारी किया गया।

वर्ष  में परियोजना ने परिचालन की दिशा में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। Main DC Line से रेल कनेक्टिविटी 7 अगस्त  को, Non-Interlocking (NI) कार्य 19 अगस्त  को तथा डीजल इंजन ट्रायल 9 सितंबर  को सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इसके बाद रेलवे प्राधिकरण द्वारा 15 सितंबर को चार सप्ताह की अवधि के लिए Commercial Notification को स्वीकृति प्रदान की गई। इन सभी तैयारियों के पूर्ण होने के पश्चात 20 सितंबर  को महेशपुर RLS में सफल ट्रायल रेक लोडिंग की गई तथा NTPC नबीनगर के लिए प्रथम रेक का प्रेषण किया गया। महेशपुर RLS के परिचालन से रेलवे रेक में कोयले की मशीनीकृत एवं तीव्र लोडिंग की सुविधा प्राप्त होगी, जिससे कोयला निकासी की दक्षता बढ़ाने तथा पारंपरिक लोडिंग व्यवस्था पर निर्भरता कम करने में सहायता मिलेगी। यह परियोजना कोयला हैंडलिंग अवसंरचना और रेलवे परिवहन के बीच बेहतर एकीकरण को भी सुदृढ़ करेगी।

महेशपुर RLS की इस उपलब्धि में BCCL, भारतीय रेल, निष्पादन एजेंसियों तथा अन्य संबंधित हितधारकों का समन्वित योगदान रहा है। BCCL की पहली FMC परियोजना के रूप में महेशपुर RLS का परिचालन कंपनी की कोयला लॉजिस्टिक्स अवसंरचना को आधुनिक एवं सुदृढ़ बनाने तथा उपभोक्ताओं तक कोयले की अधिक दक्ष और विश्वसनीय निकासी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। सफल ट्रायल रेक लोडिंग एवं NTPC नबीनगर के लिए प्रथम रेक के प्रेषण के साथ महेशपुर RLS ने परिचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार किया है। यह उपलब्धि BCCL के आधुनिक, मशीनीकृत एवं दक्ष कोयला निकासी तंत्र को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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