सिंगरौली आरएलआई विंध्याचल में 29 जून 2026 से तीन दिवसीय सीआईआई ईएफक्यूएम असेसर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ
हुआ। इस प्रमाणन कार्यक्रम में विंध्याचल, सिंगरौली एवं रिहंद से आए प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य
प्रशिक्षित असेसर्स का एक सशक्त समूह तैयार करना है, जो अपने-अपने कार्यक्षेत्र में ईएफक्यूएम एक्सीलेंस मॉडल के
प्रभावी उपयोग के माध्यम से संगठनात्मक उत्कृष्टता को आगे बढ़ा सके।

कार्यक्रम का उद्घाटन किशोर कुमार होता, कार्यकारी निदेशक (विंध्याचल) ने ए.जे.राजकुमार, महाप्रबंधक
(प्रचालन एवं अनुरक्षण),मणिक्यान सुरेश, महाप्रबंधक (अनुरक्षण एवं एडीएम), देबब्रत त्रिपाठी, महाप्रबंधक
(तकनीकी सेवाएँ एवं परियोजना),रूमा दे शर्मा,मानव संसाधन प्रमुख (विंध्याचल), सीआईआई के विशिष्ट संकाय
सदस्य विजय कृष्णन एवं अंकित रस्तोगी तथा विंध्याचल,सिंगरौली और रिहंद से आए प्रतिभागियों की गरिमामयी
उपस्थिति में किया गया।
अपने उद्घाटन संबोधन में किशोर कुमार होता ने कहा कि आज संगठनात्मक उत्कृष्टता का आकलन केवल लक्ष्यों की
प्राप्ति से नहीं, बल्कि संगठन की लचीलापन, चुस्ती और निरंतर सुधार की संस्कृति विकसित करने की क्षमता से किया जाता
है। उन्होंने ईएफक्यूएम एक्सीलेंस मॉडल को वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त एवं बहुआयामी बिजनेस एक्सीलेंस फ्रेमवर्क
बताते हुए विभिन्न उद्योगों में इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। साथ ही, उन्होंने प्रमाणित असेसर्स तैयार करने की दिशा
में एनटीपीसी के निरंतर प्रयासों की सराहना की। ए. जे. राजकुमार ने कहा कि उत्कृष्टता एक सतत यात्रा है, जो
जागरूकता, निरंतर सीखने और समय पर प्राप्त सही सुझावों से आगे बढ़ती है। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के दौरान
सक्रिय सहभागिता के माध्यम से ईएफक्यूएम मॉडल की गहन समझ विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए डॉ. देबस्मिता त्रिपाठी, अपर महाप्रबंधक
(आरएलआई) ने कहा कि ईएफक्यूएम केवल एक फ्रेमवर्क नहीं, बल्कि एक ऐसी सोच है जो संगठनों को अपनी ताकत
पहचानने, सुधार के क्षेत्रों को चिन्हित करने तथा नवाचार और निरंतर सीखने के माध्यम से स्थायी उत्कृष्टता प्राप्त करने में
सहायता करती है। उद्घाटन सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा विभिन्न विषयों पर सार्थक और
संवादात्मक चर्चा हुई। कार्यक्रम ने आगामी प्रशिक्षण सत्रों के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करते हुए संगठन में
उत्कृष्टता एवं निरंतर सुधार की संस्कृति को और मजबूत करने के प्रति एनटीपीसी की प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया।
